पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे की खबर पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि यह महज एक स्वास्थ्य कारणों से दिया गया इस्तीफा नहीं, बल्कि किसी "भयंकर तूफान" की चेतावनी है. उन्होंने दावा किया कि इसके पीछे कोई गंभीर और असामान्य कारण छिपा है, जिसकी परतें जल्द खुलेंगी. भूपेश बघेल ने आज कहा कि देश के हालात असामान्य हो चले हैं. उन्होंने कहा, "आज पूरे राज्य में दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक आर्थिक नाकेबंदी की जा रही है, यह विरोध केवल एक एजेंसी के दुरुपयोग के खिलाफ नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा को बचाने की कोशिश है."

ईडी को बताया ‘बीजेपी का विंग’

बघेल ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्यशैली पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि यह एजेंसी अब बीजेपी के विंग के रूप में काम कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि "देश भर में विपक्षी नेताओं को चुन-चुन कर निशाना बनाया जा रहा है. उनकी छवि को बदनाम करने की कोशिश हो रही है. उन्हें झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है."

कांग्रेस को तोड़ने की साजिश

पूर्व सीएम ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और उसकी एजेंसियों की मदद से कांग्रेस पार्टी को कमजोर करने और तोड़ने की सुनियोजित साजिश रची गई है. उन्होंने कहा, "कांग्रेस पार्टी को कमजोर करने के लिए ED का दुरुपयोग किया गया. विपक्ष के कई नेताओं पर दबाव बनाया जा रहा है. यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत हैं."

भूपेश बघेल के इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है. जहां एक ओर उपराष्ट्रपति धनखड़ के इस्तीफे की वजह पर अटकलें लगाई जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इसे किसी बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की शुरुआत मान रहा है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में क्या वाकई कोई "भयंकर तूफान" भारतीय राजनीति में दस्तक देता है या नहीं.