कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और प्रवक्ता सौरभ दास ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन मिश्रा के इस्तीफे की मांग की है. दरअसल मनन मिश्रा अपने एक आदेश की वजह से विवादों में घिरे हुए हैं. हाल ही में मनन मिश्रा की ओर से एक आदेश जारी किया गया. जिसमें कहा गया कि सीजेआई सूर्य कांत का विरोध करने वाले 2026 बैच के छात्रों को देशभर में वकालत के लिए रजिस्टर्ड नहीं किया जाएगा. 

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इस आदेश के बाद विवाद शुरू हो गया. हालांकि बाद इस आदेश को वापस ले लिया गया. आदेश के बाद सीजेपी चीफ अभिजीत दीपके और प्रवक्ता सौरभ दास ने मनन मिश्रा को घेर लिया है और उनका इस्तीफा मांग लिया है. ऐसे में अब सवाल है कि आखिर मनन मिश्रा कौन हैं? जिन्होंने इस तरह का आदेश जारी किया.

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कौन हैं मनन कुमार मिश्रा?

मनन कुमार मिश्रा बिहार के गोपालगंज जिले से आते हैं. वे बीजेपी के राज्यसभा सांसद हैं. साथ ही वे बार काउंसिल इंडिया के वर्तमान में अध्यक्ष भी हैं. मनन मिश्रा का नाम सीनियर वकीलों में शुमार है. मिश्रा ने अपनी पढ़ाई पटना विधि महाविद्यालय सेग्रेजुएट प्रोफेशनल LLB की है. छपरा के राजेंद्र महाविद्यालय से बीएससी ऑनर्स किया है. अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने गोपालगंज सिविल कोर्ट में प्रैक्टिस की. अगर संपत्ति की बात करें तो उनके पास करीब 14 करोड़ रुपये से ज्यादा की प्रोपर्टी है.

साल 1982 में मनन मिश्रा ने पटना हाईकोर्ट से अपनी वकालत शुरू करने के बाद सुप्रीम कोर्ट में सीनियर वकील के तौर पर काम किया. मनन मिश्रा काफी लंबे वक्त से बार काउंसिल के अध्यक्ष रह चुके हैं और वे लगातार सातवीं बार 2025 में चुने गए हैं. इसके अलावा मनन कुमार मिश्रा राजनीति में भी एक्टिव रहे हैं. साल 2010 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर बैकुंटपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था. बाद में उन्होंने बीजेपी ज्वाइन कर ली थी.

फिलहाल साल 2024 में उन्हें भारतीय जनता पार्टी की तरफ से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया जिसमें उन्होंने निर्विरोध जीत दर्ज की. बता दें कि मनन कुमार मिश्रा को लोग पॉलिटिकल इंसान और एक सीनियर वकील के तौर पर पहचानते हैं. फिलहाल वे अपने आदेश की वजह से विवादों में आ गए हैं और जो थमने का नाम नहीं ले रहा है.

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