बिहार विधानसभा चुनाव में दूसरे चरण का मतदान जारी है. दूसरे फेज में शाम पांच बजे तक 67.14 वोटिंग हुई है. सबसे ज़्यादा किशनगंज जिले में 76.26 परसेंट और सबसे कम नवादा जिले में 57.11 परसेंट वोटिंग दर्ज की गई है.

शाम 5 बजे तक किस जिले में कितनी वोटिंग?

अररिया - 67.79

अरवल - 63.06

औरंगाबाद - 64.48

बांका - 68.91

भागलपुर - 66.03

गया - 67.50

जहानाबाद - 64.36

जमुई - 67.81

कैमूर - 67.22

कटिहार - 75.23

किशनगंज - 76.26

मधुबनी - 61.79

नवादा - 57.11

पश्चिम चंपारण - 69.02

पूर्णिया - 73.79

पूर्वी चंपारण - 69.31

रोहतास - 60.69

शिवहर - 67.31

सीतामढ़ी - 65.29

सुपौल - 70.69

साल 2020 चुनाव का वोटिंग परसेंटेज

बिहार में साल 2020 के विधानसभा चुनाव में शाम पांच बजे तक किशनगंज जिले में 62.55 फीसदी वोटिंग हुई थी. पूर्णिया जिले में 61.69 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था. वहीं कटिहार में 63.83 फीसदी वोटिंग हुई थी. इसके साथ ही बांका जिले में इस दौरान 59.86 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था. इसके अलावा गया जिले में 58.90 फीसदी वोटिंग हुई.

दोपहर 3 बजे कितना फीसदी मतदान?

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे और अंतिम चरण में मंगलवार (11 नवंबर) को तीन बजे तक 60.40 फीसदी मतदान दर्ज किया गया. निर्वाचन आयोग के अनुसार, अधिकांश जिलों में मतदान शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में जारी है.जिलावार मतदान प्रतिशत के अनुसार, किशनगंज में अब तक सर्वाधिक 66.10 प्रतिशत मतदान हुआ है, जबकि नवादा जिले में सबसे कम 53.17 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है. 

किस जिले में कितनी हुई वोटिंग?

निर्वाचन आयोग के अनुसार दोपहर तीन बजे तक पश्चिम चंपारण 61.99 प्रतिशत, पूर्वी चंपारण 61.92, शिवहर 61.85, सीतामढ़ी 58.32, मधुबनी 55.53, सुपौल 62.06, अररिया 59.80, पूर्णिया 64.22, कटिहार 63.80, भागलपुर 58.37, बांका 63.03, कैमूर (भभुआ) 62.26, रोहतास 55.92, अरवल 58.26, जहानाबाद 58.72, औरंगाबाद 60.59, गया 62.74 और जमुई जिले में 63.33 प्रतिशत मतदान हुआ.

20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों पर मतदान

चुनाव अधिकारियों ने बताया कि दोपहर तक मतदान की रफ्तार तेज रही और ग्रामीण इलाकों के साथ शहरी केंद्रों पर भी मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं. दूसरे फेज में मंगलवार (11 नवंबर) को राज्य के 20 जिलों की 122 विधानसभा सीट पर मतदान हुआ. इस फेज में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सरकार के कई मंत्री, प्रमुख विपक्षी नेता और निर्दलीय उम्मीदवारों की किस्मत इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में बंद हो गई. चुनाव के नतीजे 14 नवंबर को घोषित होंगे.