भागलपुर में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु के एक पिलर की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त होकर टूट गई है. घटना के बाद मौके के तस्वीरें सामने आई हैं, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों में चिंता का माहौल है. यह पुल इलाके की लाइफलाइन माना जाता है, ऐसे में इसकी हालत को लेकर सवाल उठने लगे हैं.

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जांच के लिए पहुंची विशेषज्ञों की टीम

भागलपुर के जिलाधिकारी नवेल किशोर चौधरी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्यपालक अभियंता, अधीक्षण अभियंता और विशेषज्ञों की टीम को जांच के लिए भेजा गया है. उन्होंने कहा कि टीम की रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. प्रशासन फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

जानकारी के मुताबिक, इस पुल की तकनीकी मरम्मत साल 2016 के बाद से नहीं की गई है. हाल ही में केवल रंग-रोगन कर पुल को नया जैसा दिखाने की कोशिश की गई थी, लेकिन अंदरूनी मजबूती पर ध्यान नहीं दिया गया. यही कारण माना जा रहा है कि अब इस तरह की समस्या सामने आई है.

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पुल निर्माण निगम की ओर से कहा गया है कि जो दीवार टूटी है वह फॉल्स दीवार है, यानी अस्थायी संरचना होती है. अधिकारियों का कहना है कि ऐसी दीवारें मुख्य ढांचे का हिस्सा नहीं होतीं और जल्द ही इसे हटाकर जरूरी काम किया जाएगा. हालांकि लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं भविष्य में बड़े खतरे का संकेत हो सकती हैं.

25 साल पुराना है पुल

विक्रमशिला सेतु का उद्घाटन करीब 25 वर्ष पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने किया था. लगभग 4.7 किलोमीटर लंबा यह पुल भागलपुर को कोसी और सिमांचल क्षेत्र से जोड़ता है. हर दिन लाखों लोग इस पुल से आवाजाही करते हैं, जिससे इसकी अहमियत और बढ़ जाती है.

यह पुल अंग प्रदेश और आसपास के इलाकों के लोगों के लिए सीधा संपर्क साधन है. व्यापार, शिक्षा और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए लोग इसी पुल पर निर्भर हैं. ऐसे में पुल की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवाल प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं.