एनडीए में सीट बंटवारे का एक पेच सुलझ गया है. दरअसल, महुआ सीट अब चिराग पासवान को दे दी गई है. सूत्रों ने इसकी जानकारी दी. इस सीट को लेकर उपेंद्र कुशवाहा और चिराग पासवान के बीच विवाद चल रहा था. अब उपेंद्र कुशवाहा मान गए हैं. इतना ही नहीं, सूत्रों ने ये भी दावा किया कि उपेंद्र कुशवाहा को दोबारा राज्यसभा भेजा जाएगा और 1 विधान परिषद की सीट दी जाएगी. अप्रैल 2026 में उनका राज्यसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा है.

उपेंद्र कुशवाहा की बुधवार (15 अक्टूबर) को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ मुलाकात हुई. इसके बाद उन्होंने कहा, ''अमित शाह जी के साथ चर्चा हुई. उम्मीद करते हैं कि अब कोई कठिनाई नहीं होगी. एनडीए की सरकार बिहार में निश्चित रूप से बनेगी.'' महुआ सीट पर उन्होंने कहा कि उस तरह की घोषणा बाद में पीसी में होगी, लेकिन उस पर चर्चा हुई.

उपेंद्र कुशवाहा का सियासी सफर

उपेंद्र कुशवाहा 2000-2005 में बिहार विधान सभा के सदस्य रहे. 2002-2004 के बीच बिहार विधानसभा में समता पार्टी के उपनेता के तौर पर जिम्मेदारी संभाली. मार्च 2004- फरवरी 2005 के बीच बिहार विधानसभा में समता पार्टी के नेता रहे. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभाली. इसके साथ ही 2010-2013 के बीच राज्यसभा के सदस्य रहे. इसके साथ ही अगस्त 2010 से जनवरी 2013 तक कृषि संबंधी स्थायी समिति के सदस्य के तौर पर काम किया.

केंद्र सरकार में मंत्री भी रहे

मई, 2014 में 16 वीं लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए. 27 मई 2014- 9 नवंबर 2014 तक केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय, पंचायती राज मंत्रालय और पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय में राज्य मंत्री के तौर पर काम किया. इसके साथ ही 9 नवंबर 2014 के बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय में राज्यमंत्री के तौर पर जिम्मेदारी संभाली. 1985 से समता महाविद्यालय, जंदाहा (वैशाली) में राजनीति विज्ञान विभाग में लेक्चरर रहे, जो अब मुनेश्वर सिंह मुनेश्वरी समता महाविद्यालय के नाम से जाना जाता है.

बिहार विधानसभा चुनाव में NDA की सीट शेयरिंग फॉर्मूले के तहत उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) को 6 सीटें मिली हैं. राज्य में दो फेज में चुनाव होने हैं. पहले चरण का मतदान 6 नवंबर और दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को है, जबकि 14 नवंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे.