बिहार के रक्सौल हवाई अड्डे के नवनिर्माण का काम जल्द ही शुरू किया जाएगा. इसके लिए टेंडर जारी कर दिया गया है. इस बात की जानकारी खुद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ट्वीट कर दी. उन्होंने लिखा, "बिहार के लिए खुशखबरी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद! रक्सौल हवाई अड्डा के नवनिर्माण के लिए टेंडर जारी किया गया."
बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने कहा, "रक्सौल हवाई अड्डे के बन जाने से राज्य के सीमावर्ती क्षेत्र की कनेक्टिविटी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय और बेहतर हो सकेगी. रक्सौल हवाई अड्डे के रनवे, एप्रन, टैक्सीवे सहित एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी सेवाओं का टेंडर जारी किया गया है. " बिहार के सीएम ने बताया कि रक्सौल हवाई अड्डा चंपारण क्षेत्र में हवाई यात्रा के आवागमन को सुगम बनाएगी. इससे व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा मिलेगी.
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क्या है रक्सौल हवाई अड्डा?
पूर्वी चंपारण ज़िले में भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित रक्सौल हवाई अड्डा एक पुराना छोटा एयरस्ट्रिप है. यह रनवे काफी छोटा है और आधुनिक विमानों के लिए उपयुक्त नहीं है. इसका इस्तेमाल पहले सरकारी या छोटे विमानों के लिए होता था, लेकिन कभी ये आम जनता के लिए नहीं खुला. इसके विस्तार का काम लंबे समय से अटका हुआ था, जिसकी मंजूरी हाल ही में राज्य सरकार द्वारा दी गई थी. राज्य सरकार ने अतिरिक्त 139 एकड़ ज़मीन के अधिग्रहण के लिए 207.70 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं. इसके बाद जिला प्रशासन ने जमीन मालिकों को मुआवजे के भुगतान की प्रक्रिया तेज कर दी है.
अब इस रनवे का विस्तार किया जाएगा और यहां एप्रन, टैक्सीवे, टर्मिनल बनाए जाएंगे, जिससे आने वाले समय में यहां से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ाने संचालित की जाएगी. वर्तमान में चंपारण के लोगों को हवाई यात्रा के लिए पटना या दरभंगा जाना पड़ता है. रक्सौल हवाई अड्डे के बन जाने से यहां के लोगों के लिए हवाई यात्रा न केवल सुगम होगी, बल्कि रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
