बिहार में बजट सत्र चल रहा है और सदन में खूब हंगामा भी हो रहा है. मंगलवार (10 फरवरी, 2026) को विधान परिषद में विपक्ष ने इतना हंगामा किया कि सभापति ने आज भर के लिए सदन से सभी (विपक्ष को) बाहर कर दिया. इस बीच बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का बयान आया है.

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तेजस्वी यादव ने कहा, "बिहार में अपराध में वृद्धि हो रही है. छोटी बच्चियों के साथ गैंगरेप हो रहा है. नीट का मामला ठंडा भी नहीं हुआ कि दरभंगा में मामला आया. कई जिलों में मामला आया. इसको लेकर हम लोगों ने सदन में सवाल उठाया. राबड़ी देवी ने उठाया. इसका जवाब देने के बजाय… जिस तरह की भाषा का मुख्यमंत्री जी ने इस्तेमाल किया इससे तो लोगों का मन और बढ़ता है..." 

तेजस्वी यादव ने मीडिया से कहा, "जो घटनाएं हो रही हैं उसको रोकने के बजाय और सरकार को जवाब देना चाहिए तो… हमको नहीं लगता मुख्यमंत्री के पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह की भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए."

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'बहुत कमजोर मुख्यमंत्री है…'

आरजेडी नेता से पत्रकारों ने सवाल किया कि आपने ट्वीट किया कि मुख्यमंत्री को डिमेंशिया हो गया है. इस्तीफा दे देना चाहिए. इस पर जवाब में कहा कि हुआ है इसलिए तो इलाज कराने के लिए विदेश भी गए थे. हमको टिप्पणी नहीं करनी. उम्र बढ़ती है तो बीमारी तो बढ़ती है. मुख्यमंत्री का माइक बंद कर दिया गया यानी गाइड कहीं और से किया जा रहा है. पीछे लोग बैठे रहते हैं कि अब मत बोलिए, मत बोलिए, लाइन काट दो. ये तो दिखाता है कि बहुत कमजोर मुख्यमंत्री है. 

तेजस्वी यादव के बयान के बाद जेडीयू ने एक्स हैंडल से पोस्ट करते हुए लिखा, "जिसने बिहार को लूटा, हजारों करोड़ के घोटाले किए, नौकरी के नाम पर जमीनें लिखवाई, शिल्पी - गौतम कांड कराया, वो बिहार के नायक को गाली दे रहा, जनता माफ नहीं करेगी!"

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