पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरलम, असम और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों के नतीजें क्लियर हो गए हैं. सिवाए केरल के, कांग्रेस के लिए किसी भी राज्य से कोई खुशखबरी नहीं है. पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है. इसपर जब बिहार की कटिहार लोकसभा सीट से सांसद तारिक अनवर से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि पार्टी को आत्ममंथन की जरूरत है.
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा, "हां बिल्कुल, आत्ममंथन तो जरूर करना चाहिए. कांग्रेस पार्टी को खासतौर पर. जो पांच राज्यों के चुनाव के जो परिणाम है उसके बाद आत्ममंथन जरूर करना चाहिए. आत्ममंथन के बाद जो चीज निकलकर आए उसपर अमल करना भी जरूरी है.'
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कांग्रेस सांसद ने विफलताओं के लिए पार्टी के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए और कहा कि आज अगर हम लगातार काम करते तो ये नौबत नहीं आती. उन्होंने कहा, "कांग्रेस पार्टी का दुर्भाग्य यह रहा है कि हम अक्सर चुनावों से केवल 6 महीने पहले ही सक्रिय होते हैं और फिर जब दूसरा चुनाव आता है तब हमारी नींद खुलती है. अगर बंगाल में या और कहीं भी अगर हम लगातार काम करते रहते तो आज ये नौबत नहीं आती."
गौर हो कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने तृणमृल कांग्रेस (TMC) को पछाड़ दिया है. असम विधानसभा चुनाव 2026 के रुझानों में सत्तारूढ़ गठबंधन आगे है. वहीं, तमिलनाडु में बड़ा उलटफेर होता दिखाई दे रहा है. हालांकि, केरल इकलौता ऐसा राज्य है जहां कांग्रेस का कद बढ़ा है. कांग्रेस नेताओं ने पार्टी कार्यालय में UDF की जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया है. केवल एक राज्य में पार्टी के प्रदर्शन से भले पार्टी का मनोबल बढ़ेगा, लेकिन अन्य राज्यों में हार पार्टी के लिए बड़े झटके जैसा है.
पार्टी लगातार कई अहम चुनावों में हार का सामना कर चुकी है. इसके पीछे राजनीतिक एक्सपर्ट पार्टी में गुटबाजी और संगठनात्मक कमजोरी को कारण बताते रहें हैं. अब तारीक अनवर का ये बयान दर्शाता है कि पार्टी अब भी समीक्षा नहीं करती है तो उसके राजनीतिक अस्तित्व पर संकट के बादल और गहरा सकते हैं. ऐसे में ये देखना होगा कि कांग्रेस इन चुनावों में मिली हार पर आत्मचिंतन करती है या नहीं.
