'गौ माता संकल्प यात्रा' के तहत बुधवार (24 सितंबर, 2025) को जगद्गुरु अविमुक्तेश्वरानंद गयाजी पहुंचे. मीडिया से बातचीत में उन्होंने बड़ा बयान दिया. कहा कि बीजेपी की सरकार ने वचन दिया था और बहुत आक्रामक शैली में वचन दिया था, ऐसा लगा था कि यह हिंदुओं के लिए ही खड़े हो रहे हैं. हमारे जैसे हिंदू ने भी उन पर विश्वास किया था. एक टर्म, दो टर्म और अब तीसरा टर्म चल रहा है. इतने दिनों के व्यवहार से पता चल गया है कि उनकी (पीएम मोदी) बातें सिर्फ हवा-हवाई थीं.

'आरोप लगा दो कि हम कांग्रेस से मिले हुए हैं…'

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि गौ के लिए 12 सालों में अब तक कुछ भी ठोस कदम नहीं उठाया गया. सिर्फ माहौल बनाया गया है. एक उपलब्धि है उनकी कि देश में उन्होंने हिंदू माहौल बना दिया है, लेकिन हिंदुओं के लिए वास्तव में क्या किया पता नहीं. एक सवाल पर जवाब में मीडिया से कहा कि आप भी आरोप लगा दो कि हम कांग्रेस से मिले हुए हैं. हम जिस तरह से गाय के लिए लड़े हैं कांग्रेस खड़ी है क्या? 

गौ को माता का दर्जा: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

इस मौके पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि वे बिहार के हर जिला मुख्यालय का दौरा कर रहे हैं. इसका उद्देश्य गौ रक्षा के बारे में बताना है. भारत गौ माता को पशु नहीं मानता है. धार्मिक शास्त्रों में भी गौ को कभी पशु नहीं माना गया है. गौ माता का दर्जा दिया गया है. अंग्रेजों के समय से गाय को काटकर खाने की परंपरा चल पड़ी है. 

बता दें कि 'गौ माता संकल्प यात्रा' के तहत जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अलग-अलग जिलों में जा रहे हैं. जगद्गुरु शंकराचार्य ने बिहार में सनातनी राजनीति का शंखनाद कर दिया है. बिहार की सभी 243 सीटों पर गौभक्त प्रत्याशी उतारकर विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की है. इससे सियासी हलचल तेज हो गई है.

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