बिहार में यौन उत्पीड़न के मामलों और महिला सुरक्षा के सवालों के बीच समस्तीपुर की लोजपा (रामविलास) सांसद शांभवी चौधरी ने अपनी बात रखी. उन्होंने इन घटनाओं को बेहद पीड़ादायक और अक्षम्य बताते हुए कड़ी निंदा की और कहा कि प्रशासन पीड़ितों के साथ मजबूती से खड़ा है. इस दौरान उन्होंने अपने पिता और सम्राट सरकार में मंत्री अशोक चौधरी के बयान के लिए माफी भी मांगी.

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एबीपी न्यूज़ की एग्जीक्यूटिव एडिटर मेघा प्रसाद के सवालों का जवाब देते हुए शांभवी ने कहा कि वे जिम्मेदारी से भाग नहीं रही हैं. उन्होंने बताया कि जैसे ही मामला संज्ञान में आया, पहली प्राथमिकता आरोपियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना था. अधिकारियों के निलंबन या कार्रवाई में हुई देरी पर उन्होंने कहा कि घटना के तुरंत बाद का मुख्य ध्यान अपराधियों को पकड़ने पर होता है. 

सांसद ने कहा कि यदि पुलिस या प्रशासन की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए; वे इसके बिल्कुल खिलाफ नहीं हैं.

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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात का जिक्र करते हुए शांभवी ने बताया कि मुख्य सचिव के नेतृत्व में सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों और जिलाधिकारियों की एक समीक्षा बैठक बुलाई गई थी. इस बैठक में त्वरित न्याय के लिए 'स्पीड ट्रायल' कराने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार का लक्ष्य है कि बिहार महिला सुरक्षा के मामले में एक मिसाल बने.

समस्तीपुर के दूसरे वीडियो पर क्या बोलीं शांभवी?

दूसरी घटना के वायरल वीडियो पर उन्होंने स्थिति साफ करते हुए कहा कि वह मामला नया नहीं बल्कि काफी पुराना है, जिसे अब सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है.

अपने पिता और बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी  के विवादित बयान 'ऐसी घटनाएं रोकी नहीं जा सकतीं' पर शांभवी ने कहा कि उनके बयान की एक लाइन को काटकर पेश किया जा रहा है. उन्होंने किसी भी अपराध को सही ठहराने की बात से इनकार किया और कहा कि सामाजिक विकृतियों के कारण ऐसी घटनाएं होती हैं, लेकिन इसे किसी भी तरह से 'जस्टिफाई' नहीं किया जा सकता.

शांभवी चौधरी ने कहा कि अगर किसी मंत्री या नेता या मेरे पिता के के बयान से ठेस पहुंची है, तो वे माफी मांगने से पीछे नहीं हटेंगी, क्योंकि माफी मांगने से कोई छोटा नहीं हो जाता. उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता बयानों पर राजनीति करने के बजाय अपराधियों को सख्त सजा दिलाना और बिहार में महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करना है, जिसके लिए एनडीए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है.