इंडिया गठबंधन के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने विपक्ष के सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने और मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपने की कोशिश पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने इसे न्यायपालिका पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश बताया. 

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संजय सरावगी ने कहा कि विपक्ष की यह कोशिश अपरिपक्व है और न्यायपालिका पर राजनीतिक दबाव बनाने जैसी है. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस पर पत्थर फेंकने वाली भीड़ और राहुल गांधी का मुख्य न्यायाधीश के दरवाजे पर जाकर ज्ञापन सौंपना स्वीकार्य नहीं है. सरावगी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट राजनीतिक रैलियों का मंच नहीं है.

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‘हिम्मत है तो कानूनी याचिका दायर करें’

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने विपक्ष को कानूनी रास्ता अपनाने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष को चुनाव आयोग के खिलाफ शिकायत है, तो उसे अदालत में याचिका दायर करनी चाहिए और अपनी दलीलें कानूनी प्रक्रिया के तहत रखनी चाहिए. सरावगी के मुताबिक, कांग्रेस के वकील पहले भी कई बार याचिकाएं दाखिल कर चुके हैं. उन्होंने विपक्ष से सड़कों पर प्रदर्शन के बजाय कानूनी प्रक्रिया अपनाने को कहा.

सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मार्च की तैयारी

इंडिया गठबंधन आज सोमवार 12 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ फिर प्रदर्शन करने की तैयारी में है. प्रस्तावित मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और गठबंधन के अन्य नेताओं के शामिल होने की बात कही गई है. विपक्षी नेता चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराना चाहते हैं.

सीजेआई से मुलाकात की कोशिश पर भी विवाद

विपक्षी नेताओं ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मिलकर ज्ञापन सौंपने की इच्छा जताई थी, लेकिन खबर के मुताबिक सीजेआई ने मुलाकात से इनकार कर दिया. इस घटनाक्रम ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है.

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