बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में गुरुवार (04 जून, 2026) तड़के आग लग गई. इस हादसे में पांच मरीजों की मौत हो गई जिसके बाद अब सियासत शुरू हो गई है. स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार (Bihar Health Minister Nishant Kumar) से इस्तीफे की मांग की जा रही है. यह मांग केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) की पार्टी 'हम' (HAM) की ओर से उठी है.
जीतन राम मांझी की पार्टी (HAM)के प्रदेश सचिव मुकेश पाठक ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा, "मुजफ्फरपुर के इतने बड़े अस्पताल के आईसीयू में आग लगी और करीब 10 से ऊपर मरीज झुलस गए. यह दिल को झकझोर देने वाली घटना है. नैतिकता के आधार पर बिहार के स्वास्थ्य मंत्री से इस्तीफा मांगता हूं."
'दिल्ली न जाकर मुजफ्फरपुर में देखना चाहिए कि…'
उन्होंने आगे कहा, "बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि यह जब घटना घटी उसके कुछ देर के बाद बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार दिल्ली यात्रा पर जा रहे थे. मीडिया ने सवाल किया तो वे प्रणाम करते हुए आगे बढ़ गए. वैसे स्वास्थ्य मंत्री को तत्काल नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए. उनको दिल्ली न जाकर मुजफ्फरपुर में देखना चाहिए कि ऐसी घटना क्यों घटी."
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'ऐसे स्वास्थ्य मंत्री को बिहार में रहने की जरूरत नहीं'
मुकेश पाठक ने बिहार के मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा कि प्रसाद हॉस्पिटल के जो दोषी कर्मचारी और लोग हैं उन पर 302 का मुकदमा होना चाहिए. उन्होंने कहा, "यहां लोग इलाज कराने आए थे… दुख की घड़ी में आए थे, लेकिन आंख में आंसू तो तब आता है जब वह स्वस्थ होने की जगह भगवान के पास चले गए. मैं नमन करता हूं… फिर से मुख्यमंत्री से आग्रह करता हूं कि स्वास्थ्य मंत्री से अविलंब नैतिकता के आधार पर इस्तीफा ले लीजिए. ऐसे स्वास्थ्य मंत्री को बिहार में रहने की जरूरत नहीं है."
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