मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल में गुरुवार (04 जून, 2026) तड़के शॉर्ट सर्किट के कारण लगी आग के चलते पांच मरीजों की मौत हो गई. इस घटना को लेकर नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने सम्राट चौधरी की सरकार पर ही सवाल उठा दिया है. जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल के आईसीयू जहां जीवन और मौत के बीच लोग भर्ती होते हैं, वहां आग लग जाना कुप्रबंधन का पर्याय है. 

Continues below advertisement

कठोरतम कार्रवाई आवश्यक: जेडीयू

उन्होंने कहा, "आखिर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? जिन लोगों ने लाइसेंस दिया या जिन्हें इसका पर्यवेक्षण करना था? सरकार उनकी जिम्मेदारी भी तय करेगी... नियमों का यदि अनुपालन नहीं हुआ है तो कठोरतम कार्रवाई भी आवश्यक है."

नीरज कुमार ने जिस तरह से सवाल उठाया है यह सरकार के खिलाफ जैसा है. बता दें कि नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से हने के बाद उनके बेटे को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया है लेकिन उनसे पहले ये विभाग बीजेपी के पास था. मंगल पांडेय स्वास्थ्य मंत्री थे. 

विजय चौधरी बोले- कारणों की होगी जांच

हादसे पर बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने कहा कि आगजनी के कारणों की जांच होगी. निदान की व्यवस्था सरकार करवाएगी. इस पूरे मामले में जेडीयू के नेता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा, "यह घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. राज्य सरकार ने इसे काफी गंभीरता के साथ लिया है. पूरे घटनाक्रम की जांच होगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी."

यह भी पढ़ें- मुजफ्फरपुर के अस्पताल में आग से 5 मरीजों की मौत, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का रहा ऐसा रिएक्शन

इस घटना को लेकर जेडीयू के एक्स हैंडल से लिखा गया, "मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में आग लगने से कई मरीजों के हताहत होने की सूचना अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक है. दुख की इस घड़ी में जनता दल (यूनाइटेड) शोकाकुल एवं प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है. ईश्वर से इस हादसे में घायल हुए सभी लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना है."

वहीं बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल के ICU में आग लगने की घटना पर कहा, "वहां टीम पहुंच चुकी है, अग्निशामक दल भी पहुंचा है. सभी पहलुओं पर जांच हो रही है..." 

यह भी पढ़ें- मुजफ्फरपुर: प्रसाद अस्पताल आग हादसे में मौत का आंकड़ा बढ़कर हुआ 5, CM ने किया मुआवजे का ऐलान