मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Bihar CM Nitish Kumar) राज्यसभा की सदस्यता लेने के लिए गुरुवार को पटना से दिल्ली के लिए रवाना हो गए. कल (10 अप्रैल) शपथ लेंगे. उनके बाद कौन बिहार का मुख्यमंत्री होगा इसका सबको इंतजार है. इस बीच बीजेपी में दो फाड़ वाली तस्वीर सामने आई है. गुरुवार (09 अप्रैल, 2026) को पार्टी कार्यालय के बाहर लगे उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पोस्टर को फाड़ दिया गया. सीएम पद के लिए सम्राट के समर्थन में यह पोस्टर लगा था. 

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गुरुवार की सुबह जब abp न्यूज़ की टीम कवरेज करने गई थी तो इसी दौरान कुछ कार्यकर्ता पहुंचे और पोस्टर को फाड़ने लगे. पोस्टर फाड़ने वाले एक कार्यकर्ता ने कहा कि यह बीजेपी कार्यालय के गेट पर लगा हुआ है. यह कार्यालय का एरिया है, इसलिए यहां किसी तरह का पोस्टर नहीं लग सकता है. 

किसने लगवाया था पोस्टर?

बताया जाता है कि पोस्टर वाल्मीकि समाज संघ के अध्यक्ष राजेश कुमार की ओर से लगाया गया था. पोस्टर में सबसे ऊपर लिखा गया था, "वाल्मीकि समाज संघ की यही पुकार बिहार में हो सम्राट की सरकार." पोस्टर के नीचे लिखा गया था, "भाजपा को हमने दिया है हर संभव साथ, ठेकेदारी प्रथा आपकी सरकार में हो समाप्त." 

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पोस्टर को लेकर क्या बोली बीजेपी?

इस पूरे विवाद पर बीजेपी नेता और मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा, "मैंने देखा ही नहीं तो टिप्पणी क्या करूं? विपक्ष सपना देखते रहे. हमारी पार्टी में न दो गुट है न कभी होगा. हमारी पार्टी में और एनडीए में चट्टानी मजबूती है. विपक्ष हल्ला करते रहे कुछ भी नहीं होने वाला है. विपक्ष को अब सत्ता नहीं मिलने वाली है. बिहार की जनता अब कभी मौका नहीं देने वाली है."

बीजेपी में चल रहा सत्ता का संघर्ष: कांग्रेस

कांग्रेस ने इस पर हमला किया है. पार्टी के प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने कहा कि बीजेपी में सत्ता को लेकर संघर्ष चल रहा है. वो संघर्ष ही आज पोस्टर फाड़ कार्यक्रम के रूप में बाहर निकलकर आया है. सम्राट चौधरी का विरोध पार्टी के अंदर से ही कोई मजबूत नेता करवा रहा है. यानी सम्राट चौधरी लाख मीडिया मैनेजमेंट के माध्यम से सीएम पद का मजबूत दावेदार घोषित करते रहें, लेकिन पार्टी में कोई न कोई मजबूत नेता है जो चाहता है कि वो मुख्यमंत्री न बनें.