बिहार में राजनीतिक हलचल को लेकर पूर्व सांसद डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि हम लोग नीतीश कुमार के फैसले के साथ हैं, लेकिन मेरी व्यक्तिगत राय में ये उचित निर्णय नहीं है. नीतीश कुमार ने जयप्रकाश नारायण, कर्पूरी ठाकुर, और लोहिया की विरासत को आगे बढ़ाने में योगदान दिया.

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डॉ. अरुण कुमार बीते बुधवार (08 अप्रैल) को आईएएनएस से बातचीत कर रहे थे. उन्होंने कहा कि बिहार की बड़ी आबादी नीतीश कुमार में आस्था रखती है. बीजेपी सहयोगी के रूप में थी, अब की परिस्थितियों में ये परिवर्तन हो रहा है, मुझे नहीं पता. मेरा मानना है कि नीतीश कुमार को वहां बने रहना चाहिए, तभी एनडीए मजबूत रहेगी.

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'लोगों में अगर किसी को विश्वास है तो वह निशांत कुमार'

उन्होंने कहा कि मैं पहले दिन से कह रहा हूं कि जेडीयू को मजबूती करने के लिए लोगों में अगर किसी पर विश्वास है तो वह निशांत कुमार हैं. वह युवा हैं, 20 साल सत्ता में रहने के बाद भी अहंकार उन्हें छू नहीं सका. पैसे का कोई आकर्षण नहीं, कपड़े का कोई शौक नहीं है. युवा होते हुए जो आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ा हुआ है, वह एक साफ व्यक्ति है.

महिला आरक्षण को लेकर बुलाए गए विशेष सत्र पर डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि इस कालखंड में विपक्ष सिर्फ विरोध करने के लिए है. नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार ने लोगों को मदद दी. लोगों के हुनर को निखारा.

उन्होंने कहा कि अच्छे कामों का स्वागत किया जाना चाहिए. महिला आरक्षण को विपक्ष जब सत्ता में था, तब लागू करना चाहिए था. अब वह सिर्फ विरोध करने के लिए ही हैं. उन्होंने आगे कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए अगर सरकार कोई बिल लेकर आती है तो उसका स्वागत किया जाना चाहिए. गलतियों को बदलावों के जरिए ही सुधारा जाता है. विपक्ष के प्रलाप को मैं अच्छा नहीं मानता.

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