बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अपमान किया है और यह आदिवासी समाज के सम्मान के खिलाफ है.

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एएनआई के अनुसार, सम्राट चौधरी ने पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि राष्ट्रपति से ज्यादा ममता बनर्जी ने एक आदिवासी बहन की बेज्जती करने का काम किया. उन्होंने आगे कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और समय आने पर इसका जवाब जरूर देगी. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता आने वाले समय में इस व्यवहार का जवाब देगी. उनके मुताबिक अगले दो महीनों में बंगाल के लोग ममता बनर्जी को सबक सिखाएंगे.

विपक्ष के आरोपों पर ममता बनर्जी ने दी सफाई

वहीं विपक्ष के आरोपों पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखते हुए कहा कि इंटरनेशनल संताल काउंसिल जो एक निजी संगठन है. उन्होंने राष्ट्रपति को सिलीगुड़ी में आयोजित 9वें इंटरनेशनल आदिवासी संताल सम्मेलन में आमंत्रित किया था. एडवांस्ड सिक्योरिटी लायजन (Advanced Security Liaison) की प्रक्रिया के बाद जिला प्रशासन ने लिखित रूप में राष्ट्रपति सचिवालय को बताया था कि कार्यक्रम के आयोजक पर्याप्त तैयारी में सक्षम नहीं दिख रहे हैं. इस चिंता की जानकारी टेलीफोन के माध्यम से भी दी गई थी. (इससे जुड़े पत्र और तस्वीरें मेरे संबंधित फेसबुक पोस्ट में देखी जा सकती हैं.)

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कार्यक्रम की तैयारियों के बारे में दी गई थी जानकारी

साथ ही लिखा कि राष्ट्रपति सचिवालय की एडवांस टीम ने 05.03.2026 को स्थल का दौरा किया और वहां की तैयारियों की कमी के बारे में उन्हें भी जानकारी दी गई. इसके बावजूद कार्यक्रम तय समय के अनुसार जारी रहा. माननीय राष्ट्रपति का स्वागत और विदाई सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर, दार्जिलिंग के जिलाधिकारी और सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट के पुलिस आयुक्त द्वारा की गई. यह सब राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा पहले से तय और स्वीकृत प्रोटोकॉल के अनुसार ही हुआ.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री कार्यक्रम के स्वागत लाइनअप या मंच की योजना का हिस्सा नहीं थीं. इसलिए जिला प्रशासन की ओर से किसी भी तरह की प्रोटोकॉल चूक नहीं हुई. बीजेपी देश के सर्वोच्च पद का अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए दुरुपयोग कर रही है और उसका अपमान कर रही है. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.

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