राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता और लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने देश के सोना भंडार को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर ट्वीट करके देश के सोना बेचे जाने की खबरों पर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि सोना बेचे जाने के मुद्दे पर प्रधानमंत्री को सामने आकर जनता और विशेषज्ञों को जवाब देना चाहिए.
ब्लूमबर्ग ने अपनी एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया था कि अमेरिका-ईरान के बीच जारी युद्ध के दौरान रुपये को बचाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपने सोने के भंडार में से लगभग 12 अरब डॉलर का सोना बेचा होगा. हालांकि, RBI और भारत सरकार दोनों ने ही आधिकारिक तौर पर इन दावों को खारिज कर दिया है और कहा कि उसके पास मौजूद भौतिक सोने का भंडार अब भी 880.52 टन है और इसमें कोई कमी नहीं आई है.
रोहिणी ने सरकार पर क्या आरोप लगाए?
RJD नेता रोहिणी आचार्य ने लिखा, 'मोदी सरकार लगातार आर्थिक मजबूती और विदेशी मुद्रा भंडार की मजबूती के झूठे दावे करती रही है, लेकिन डॉलर के मुकाबले रुपये के निरंतर कमजोर होने और स्वर्ण भंडार बेचने की नौबत आने की रिपोर्ट से मोदी सरकार के आर्थिक प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े होने लाजिमी हैं.' रोहिणी ने कहा कि देश का सोना केवल एक धातु नहीं, बल्कि आर्थिक सुरक्षा और राष्ट्रीय विश्वास का प्रतीक है. इसलिए देश की जनता को यह जानने का अधिकार है कि देश की वास्तविक आर्थिक स्थिति क्या है और संपत्तियों के प्रबंधन में कितनी पारदर्शिता बरती जा रही है.
प्रधानमंत्री देश की जनता को जवाब देने की मांग
रोहिणी आचार्य ने प्रधानमंत्री के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का जिक्र करते हुए कहा कि सीधे सवालों से भागने वाले प्रधानमंत्री को सोना बेचे जाने के मुद्दे पर देश की जनता को जवाब देने का साहस जुटाना चाहिए. प्रधानमंत्री को अप्रासंगिक मुद्दों की बजाए खुले मंच से देश के अर्थशास्त्रियों और विपक्ष के सवालों का सामना करना चाहिए. रोहिणी ने मोदी सरकार पर देश की संपदा, देश के संसाधनों को बेचने और उन पर उठे सवालों के जवाब में झूठ बोलने के आरोप भी लगाए.
RBI ने मामले पर क्या कहा?
RBI ने Bloomberg की रिपोर्ट के दावों को गलत बताया और कहा कि उसके पास मौजूद भौतिक सोने का भंडार वर्तमान में भी 880.52 टन स्थिर बना हुआ है और इसमें कोई कमी नहीं आई है. RBI ने कहा कि उसके स्वर्ण भंडार से जुड़ी जानकारी नियमित रूप से मासिक बुलेटिन में प्रकाशित की जाती है इसलिए देश की जनता को सलाह दी है कि किसी भी रिपोर्ट पर भरोसा करने से पहले RBI की वैबसाइट चेक करें.
RBI के आंकड़ो के अनुसार, 31 मार्च 2025 को उसके पास 879.58 टन सोना था, जबकि 31 मार्च 2026 को यह बढ़कर 880.52 टन हो गया है. इसका मतलब है कि पिछले एक साल में सोने का भंडार घटा नहीं, बल्कि उसमें मामूली वृद्धी हुई है.
PIB ने अपने फैक्ट चैक में क्या कहा?
PIB फैक्ट चेक ने भी Bloomberg की रिपोर्ट के दावों को फर्जी बताया है. इसके साथ ही बताया कि RBI के अनुसार, भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी सितंबर 2025 के अंत में 13.92 प्रतिशत से बढ़कर 31 मार्च 2026 को 16.70 प्रतिशत हो गया, और 22 मई 2026 तक यह और बढ़कर 16.85 प्रतिशत हो गई हो गया.
इसके साथ ही बताया कि सोने के भौतिक स्टॉक की जानकारी भी RBI अपने मासिक बुलेटिन में देता है. इसका नवीनतम संस्करण RBI की वेबसाइट पर उपलब्ध है और ये वर्तमान में भी अपरिवर्तित है.
