केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) के इस्तीफे पर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने केंद्र सरकार पर हमला किया है. तेजस्वी यादव ने एक्स पर पोस्ट कर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को सच्चाई, हक, संघर्ष और न्याय की जीत करार दिया है.
उन्होंने कहा, "दमनकारी सरकार के झूठ, पैंतरे और अहंकार की हार! छात्र और युवा शक्ति को अनंत बधाई! बहुत से सवाल अनुत्तरित है. देश के जागरूक युवा जवाबदेही तय करवाते रहेंगे."
इसराइल मंसूरी बोले- बहुत पहले हो जाना चाहिए था इस्तीफा
दूसरी ओर आरजेडी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री इसराइल मंसूरी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कहा कि इसमें इतनी देरी क्यों हो गई? यह बहुत पहले हो जाना चाहिए था. जब इतना आंदोलन पूरे देश में हो गया तब यह निर्णय लिया गया है, लेकिन सिर्फ इससे काम नहीं चलेगा.
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'...तो इतना बड़ा आंदोलन नहीं होता'
इसराइल मंसूरी ने कहा कि कोई उपाय नहीं दिखा तो इस्तीफा लिया गया. अगर यह निर्णय पहले ले लिए रहते और धर्मेंद्र प्रधान को दोषी मान लिए रहते तो इतना बड़ा आंदोलन नहीं होता. उन्होंने कहा कि नाजायज तरीके से मुकदमा करके जिन्हें जेल भेजा गया उन सारे केस को भी वापस लेना चाहिए.
आरजेडी नेता ने कहा कि इन लोगों के गिरने का समय आ गया है. शिखर पर चल रहे थे. अब इसी तरह यह लोग गिरेंगे और झुकेंगे. जनता इन लोगों को समझ चुकी है, इसलिए अब इन लोगों का बुरा हाल शुरू हो गया है.
बता दें कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई दिनों से धरना-प्रदर्शन चल रहा था. दिल्ली से शुरू हुआ यह प्रोटेस्ट देश के अलग-अलग शहरों में फैल गया. मकसद एक ही था कि नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें. अब यह मांग पूरी हो गई है.
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