राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने सोमवार (23 फरवरी, 2026) को बिहार विधानसभा के बजट सत्र के संचालन और राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर जोरदार निशाना साधा. उन्होंने विनियोग विधेयक पर हुई चर्चा के बाद कहा कि एनडीए सरकार पूरी तरह से 'अनफिट' हो चुकी है.

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'जानबूझकर दबाई जा रही विपक्ष की आवाज'

शक्ति यादव ने कहा कि बिहार विधानसभा के इतिहास में यह पहली और दुर्भाग्यपूर्ण घटना है कि इतने दिनों के सदन में विपक्ष के एक भी ध्यानाकर्षण प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान नहीं की गई. अध्यक्ष के पास विशेषाधिकार होते हैं, लेकिन जनहित के मुद्दों पर विपक्ष की आवाज को जिस तरह से जानबूझकर दबाया जा रहा है, वह लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक है.

उन्होंने कहा, "सरकार के पास विकास का कोई रोडमैप नहीं है. बजट भाषण महज 11 मिनट में पढ़कर निपटा दिया गया और आज विनियोग विधेयक पर भी वित्त मंत्री ने कुछ ही मिनटों में जवाब देकर खानापूर्ति कर ली. सरकार के अधीन काम करने वाले संवेदकों और कर्मियों के भुगतान रोक दिए गए हैं. एक करोड़ से 50 लाख और 50 लाख से 25 लाख रुपये तक के विपत्रों का भुगतान नहीं किया जा रहा है."

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'लॉ एंड ऑर्डर अब पूरी तरह से डिसऑर्डर'

कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में हत्याएं निरंतर हो रही हैं और 'लॉ एंड ऑर्डर' अब पूरी तरह से 'डिसऑर्डर' में तब्दील हो चुका है. कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार बदतर हो रही है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की हरकतें और उनका सार्वजनिक बर्ताव जिस रूप में पेश आ रहा है, उसके बाद उनके गिरते स्वास्थ्य के बारे में कुछ और बताने की जरूरत नहीं है. अब पूरी भारतीय जनता पार्टी सत्ता को अपने हिसाब से पीछे से संचालित कर रही है, जो बिहार के भविष्य और हितों के लिए बेहद घातक है.

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