यूजीसी के नए नियमों को लेकर जारी बवाल के बीच गुरुवार (29 जनवरी, 2026) को राहत वाली खबर आई. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस पर रोक लगा दी गई है. सुप्रीम कोर्ट की ओर से अभी 2012 में नोटिफाई किए गए यूजीसी रेगुलेशन को लागू रखने का फैसला दिया गया है. इस फैसले के बीच अब आरजेडी की ओर से रिएक्शन सामने आया है.
आरजेडी के प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट के द्वारा यूजीसी एक्ट के मामले पर रोक लगाई गई है और केंद्र सरकार को नोटिस भेजा गया है. केंद्र सरकार से पूछा गया है कि इसमें जो प्रावधान लाए गए हैं उसके संबंध में आप स्पष्टीकरण दें."
उन्होंने यूजीसी के नए नियमों को लेकर कहा, "क्योंकि ये संसदीय समिति के माध्यम से एक्ट बनाया गया था. संसदीय समिति में सभी दलों के सांसद शामिल थे. जो पिछड़ा वर्ग है, अति पिछड़ा वर्ग है, दलित हैं, आदिवासी हैं, उनके साथ जो भेदभाव होता था या उनके साथ जो अपमानजनक व्यवहार होता था या अपमानित करने वाली भाषा का इस्तेमाल होता था उस पर कहीं न कहीं भारत के संविधान के अंतर्गत समानता का जो सिद्धांत है धारा 14, 15, 16 उसके अंतर्गत इसमें प्रावधान किए गए थे. जिनके साथ भी रैगिंग या अन्य तरह से जो अपमानित किया जाता था उसको अत्याचार के अंतर्गत माना जाता. उस पर कार्रवाई के लिए, एफआईआर दर्ज कराने के लिए, शिकायतों को कहीं न कहीं सुनने की बात थी."
'गिरिराज सिंह ने जताया आभार'
उधर बीजेपी के नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है, "सनातन को बांटने वाले यूजीसी के नियम पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रोक लगाए जाने पर हार्दिक आभार. यह निर्णय भारत की सांस्कृतिक एकता और सनातन मूल्यों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण है. मोदी सरकार की पहचान सबका साथ, सबका विकास और सनातन की अखंड एकता की है."
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