बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी और कांग्रेस के विलय की खबरों के बीच आरजेडी की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. बुधवार (10 जून, 2026) को एबीपी न्यूज़ से आरजेडी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि ममता दीदी के पास आज भी वोट है. जो लोग सांसद-विधायक बने हैं उनको नहीं भूलना चाहिए कि ममता दीदी के चेहरे पर वोट लाकर बने हैं. 

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मृत्युंजय तिवारी ने कहा, "...जहां तक विलय का सवाल है तो ये तो ममता दीदी को फैसला करना है… कांग्रेस को फैसला करना है, लेकिन हम समझते हैं ममता दीदी को जो लोग कमजोर समझ रहे हैं या कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं वह अक्षम्य है. हो सकता है ममता दीदी के सांसद-विधायक टूटें लेकिन ममता दीदी फिर से मजबूत होंगी. अपनी पार्टी को मजबूत करेंगी. फिर से उनका समय आएगा."

क्षेत्रीय दलों की अपनी अहमियत: आरजेडी

इस सवाल पर कि जिस तरह से बीजेपी कई राज्यों में जीत दर्ज कर रही है और बहुमत मिल रहा है क्या ऐसे में कांग्रेस को मजबूत करने के लिए क्षेत्रीय दलों को अब विचार करना चाहिए? इस पर कहा कि क्षेत्रीय दलों की अपनी अहमियत है. हर राज्य में क्षेत्रीय दल हैं. क्षेत्रिय दलों की अहमियत को कई नकार नहीं सकता है. आज भी आरजेडी के पास सबसे ज्यादा वोट है. 

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आगे कहा, "अभी ये कहना जल्दबाजी होगा कि क्षेत्रीय दल समाप्त हो रहा है. दो वर्षों में देखिएगा देश की राजनीति करवट लेगी. समय एक तरह नहीं रहता है. कांग्रेस ने भी राज किया लेकिन क्या हुआ? लोकतंत्र है.... समय का इंतजार करना चाहिए. विपक्ष मजबूती से लड़ाई लड़ेगा."

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बिहार कांग्रेस ने दिया ये रिएक्शन

विलय के सवाल पर बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता राजेश राठौर ने कहा, "इस चर्चा की पुष्टि बिहार कांग्रेस नहीं कर सकती है. अगर राष्ट्रीय स्तर से कुछ हो रहा है राष्ट्रीय नेता ही बता पाएंगे."

बंगाल में जिस तरह से ममता बनर्जी के विधायक और सांसद टूट रहे हैं आने वाले दिनों में कांग्रेस में वो आती हैं तो क्या स्वागत होगा? इस पर कहा, "मैंने पूर्व में भी कहा था कि जिन जिन लोगों ने इंडिया गठबंधन को 2023 में कमजोर करने का काम किया… या इससे इतर हल्का भी विचार रखा और बीजेपी में गया भी नहीं… बीजेपी ने ऐसे सभी दलों को नष्ट कर दिया… कमजोर कर दिया. चाहे वो केजरीवाल हों या नीतीश कुमार… नीतीश कुमार को पिंजरे में बंद कर सत्ता ले लिया… ऐसी स्थिति में धर्मनिर्पेक्ष दल अगर एक प्लेटफॉर्म पर आते हैं तो राष्ट्र के हित में श्रेष्ठ होगा."

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