दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में लगे कथित विवादित नारे के बीच राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा ने प्रतिक्रिया दी है. उनके मुताबिक वह खुद ऐसे नारों के खिलाफ हैं. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इसके पीछे की वजह भी देखनी होगी.
झा ने कहा कि मुर्दाबाद और कब्र खुदेगी. मैं ऐसे नारों के खिलाफ हूं. मैं व्यक्तिगत तौर पर इस नारे का समर्थन कभी नहीं करता हूं. अब इस नारे के पीछे चलते है. जो शरजील इमाम को कल बेल नहीं मिली. जो कोर्ट में तर्क दिए गए वह ठीक नहीं लगे.
उन्होंने कहा कि आक्रोश की अभिव्यक्ति इस तरीके के स्लोगन को समर्थन नहीं करते.
'कब्र खोदने वाले खुद कब्र में चले गए...' JNU में कथित विवादित नारेबाजी पर गिरिराज सिंह का बयान
JNU में विवादित नारों का क्या है मामला?
बता दें सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2020 के दिल्ली दंगा साजिश मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार किए जाने के बाद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्रों के एक समूह ने विश्वविद्यालय परिसर के भीतर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादास्पद नारे लगाए. सोमवार रात हुए विरोध प्रदर्शन के कथित वीडियो के अनुसार, मोदी और शाह की निंदा करते हुए नारे लगाए गए.
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ की अध्यक्ष अदिति मिश्रा ने कहा कि छात्र पांच जनवरी, 2020 को परिसर में हुई हिंसा की निंदा करने के लिए हर साल विरोध प्रदर्शन करते हैं.मिश्रा ने कहा, 'विरोध प्रदर्शन के दौरान लगाए गए सभी नारे वैचारिक थे और वे किसी पर व्यक्तिगत हमला नहीं थे. वे किसी को लक्ष्य करके नहीं लगाए गए थे.'
उधर, CPI(M) नेता हन्नान मोल्लाह ने कहा कि, पिछले 50 सालों में देश में इस तरह के नारे 100 बार लगाए गए हैं... हालांकि इस तरह के नारे नहीं लगाए जाने चाहिए... नारे लगाते समय बहुत सावधान रहना चाहिए.