राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने Gen-Z पर अहम बयान दिया है. उनके बयान पर राष्ट्रीय जनता दल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. भागवत के बयान पर राजद ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पर भी निशाना साधा है.

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राजद नेता और राज्यसभा सांसद मनोज झा ने कहा, 'ये खबर नितिन नवीन तक पहुंची की नहीं? उन्होंने वायरस बोला था. सवाल ये नहीं है कि आप क्या सोच रहे हैं? सवाल ये है कि आप हताश हैं, आपने उनकी भाषा कॉपी करने की कोशिश की भाव नहीं.'

बता दें मोहन भागवत ने हालिया छात्र आंदोलनों और जेन जी को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि जेन जी विरोध-प्रदर्शन कर रही है तो उन्हें 'देशविरोधी' नहीं कहा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह देश की अपनी नई पीढ़ी है और उनके मुद्दों को संवाद के जरिए समझकर समाधान निकालने की जरूरत है.एक छात्र संवाद कार्यक्रम में भागवत ने कहा, अगर जेन जी प्रदर्शन कर रही है तो इसका मतलब यह नहीं कि वे एंटी-नेशनल हैं. वे हमारे अपने लोग हैं, हमारी अगली पीढ़ी हैं. मेरा मानना है कि जेन जी और जेन अल्फा मौजूदा पीढ़ी की तुलना में अधिक ईमानदार हैं. 

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'जब हम उनकी उम्र में थे...'

उन्होंने कहा, जब हम उनकी उम्र के थे, तब बड़ों की हर बात बिना सवाल किए मान लेते थे. लेकिन आज की जेन जी और जेन अल्फा सवाल पूछती है, तार्किक जवाब चाहती है और अपनापन भी चाहती है. लोकतंत्र में यही सही तरीका है. अंग्रेजी में इसे 'डिबेट' कहा जाता है, जबकि हमारी परंपरा में इसे 'शास्त्रार्थ' कहा गया है, जहां विभिन्न दृष्टिकोणों से सत्य का व्यापक स्वरूप सामने आता है.

भागवत ने कहा कि वह यह नहीं कहेंगे कि जेन जी को आंदोलन नहीं करना चाहिए, लेकिन लोकतंत्र में विरोध करने के भी तरीके हैं. इस संदर्भ में उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान सभा में दिए गए भाषणों और संविधान की भावना को समझने की सलाह दी.