बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर जब से यह खबर सामने आई है कि वे राज्यसभा जा सकते हैं उसके बाद से प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है. यह खबर ऐसे वक्त में आई जब लोग बिहार में होली के रंग में डूबे थे. इस चर्चा के बीच एक तरफ जहां जेडीयू के अंदर विरोध शुरू हो गया तो दूसरी ओर विपक्षी दलों की ओर से भी लगातार प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं. आरजेडी सांसद मनोज झा का कहना है कि ये अपने आप में एक राजनीतिक अध्याय के अवसान की कहानी कहता है.
दरअसल मनोज झा से सवाल किया गया कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर है. जेडीयू के साथ-साथ आरजेडी की ओर से भी राज्यसभा के प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं हुई है. इस पर मनोज झा ने कहा, "कल (बीते बुधवार) दोपहर बाद अचानक से कुकुरमुत्ते की तरह हर मीडिया प्लेटफॉर्म पर ये उगना शुरू हुआ… इस खबर के उगने के पीछे सच्चाई है और प्लांटेड स्टोरी नहीं है तो ये अपने आप में एक राजनीतिक अध्याय के अवसान की कहानी कहती है…"
मनोज झा ने कहा, "महत्वपूर्ण यह है कि दूसरी तरफ बीजेपी ने भी शिंदे साहब के बाद, महाराष्ट्र के मॉडल के बाद काफी बदलाव कर लिए हैं. बिहार में भी उस पर उन्होंने काम करने की कोशिश की है..."
कांग्रेस ने कहा- 'ये बहुत मुमकिन है'
दूसरी ओर कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन भरने करने की संभावना पर कहा, "ये बहुत मुमकिन है. बीजेपी हमेशा पूरी सत्ता चाहती है इसलिए जब विधानसभा चुनाव हुआ था तब भी ये उम्मीद की जा रही थी कि बीजेपी अपना मुख्यमंत्री बनाएगी हालांकि उस समय ये काम नहीं हुआ तो अब हो जाएगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को वे दिल्ली ला सकते हैं और अपना मुख्यमंत्री बना सकते हैं. ये भाजपा की रणनीति हो सकती है..."
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को कोई पद दिए जाने की अटकलों पर उन्होंने कहा, "बीजेपी तो परिवारवाद के बहुत खिलाफ है? तो ये कैसे संभव है? क्या उन्होंने अपनी नीति बदल दी?..."
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