बिहार विधान परिषद में जारी बजट सत्र के दौरान सदन में शुक्रवार (13 फरवरी, 2026) को महिला शिक्षकों के स्थानांतरण का मामला उठा. नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने महिला शिक्षकों को हो रही परेशानी का मुद्दा सदन में जोर-शोर से उठाया. मांग की गई कि जो महिला शिक्षक हैं उनकी पोस्टिंग उनके गृह जिले में ही हो जाए.

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'बाल-बच्चा देखती हैं, घर भी देखती हैं'

सदन में राबड़ी देवी ने सभापति से कहा, "महिला शिक्षक जो हैं वो एक जिले से दूसरे जिले में चली गई हैं. उनको उसी जिले में कर देना चाहिए जिस जिले की वो हैं. महिलाओं को आने-जाने में परेशानी होती है. बाल-बच्चा देखती हैं, घर भी देखती हैं. जो जिला है उसी जिले में घर के आसपास उनकी पोस्टिंग कर देनी चाहिए. इससे महिलाओं को इससे सुविधा होगी." 

सदन में मौजूद बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने राबड़ी देवी की ओर से उठाई गई मांग पर कहा कि राबड़ी देवी जो बात कह रही हैं उसे हम ग्रहण कर रहे हैं.

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आरजेडी नेताओं ने किया प्रदर्शन

दूसरी ओर बिहार विधान परिषद की नेता प्रतिपक्ष और आरजेडी नेता राबड़ी देवी ने अन्य नेताओं के साथ सदन के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया. राबड़ी देवी ने कहा, "...सम्राट चौधरी ने कहा था कि 24 घंटे में अपराधियों को पकड़ कर सजा दिलवाएंगे नहीं तो इस्तीफा देंगे. वे कहां इस्तीफा दे रहे हैं? हर रोज लड़कियों की हत्याएं, बलात्कार हो रही हैं लेकिन यह सरकार अपराध नहीं रोक रही..."

आगे राबड़ी देवी ने कहा कि इस सरकार में अपराध रुकने वाला नहीं है. एक सवाल के जवाब में उन्होंने मीडिया से कहा कि विपक्ष सम्राट चौधरी का इस्तीफा नहीं मांग रहा है. सम्राट चौधरी ही कहते हैं कि अपराधी 24 घंटे में नहीं पकड़े जाएंगे तो हम इस्तीफा दे देंगे तो कहां दे रहे हैं.

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