बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार (05 मार्च) को राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर दिया. अब इसे लेकर उद्धव गुट की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी को घेरा है. उन्होंने कहा कि पूरा एक राजनीतिक माहौल बनाकर उन्हें राज्यसभा भेजा जा रहा है और उन्हें मुख्यमंत्री के पद से मुक्त किया जा रहा है. ये बिहार की जनता के साथ विश्वासघात हुआ है.

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शिवसेना (UBT) सांसद ने कहा, ''हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि बिहार की जनता ने जो वोट दिया था, वो नीतीश कुमार जी के नाम पर था. नीतीश कुमार एंटी इनकंबेंसी बीट करके फिर से मुख्यमंत्री बने थे क्योंकि जनता उन्हें चाहती थी. अब उनके हवाले से ये कह देना कि वो राज्यसभा जाना चाहते हैं, सही नहीं है.'' 

ये राजनीतिक दबाव के तहत हुआ- प्रियंका चतुर्वेदी

उन्होंने आगे कहा, ''बीजेपी अब वहां पर अपना मुख्यमंत्री बैठाएगी. मैं मानती हूं कि ये जनता के साथ विश्वासघात हुआ है. जनता ने जिसको वोट किया, उन्हें आप राज्यसभा भेज रहे हैं. ये राजनीतिक दबाव के तहत हुआ है. 

नीतीश कुमार के नामांकन में अमित शाह रहे मौजूद

गौरतलब है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में राज्यसभा के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. वर्ष 2005 से रिकॉर्ड 10 बार मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार के नामांकन के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के अलावा दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा समेत राज्य सरकार के कई अन्य मंत्री भी मौजूद रहे.

नीतीश कुमार ने की थी राज्यसभा चुनाव लड़ने की घोषणा

इससे पहले दिन में नीतीश कुमार ने घोषणा की थी कि वह राज्यसभा का चुनाव लड़ेंगे, जिसके साथ ही बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने के उनके कार्यकाल का अंत हो जाएगा. नीतीश कुमार ने एक्स पर एक पोस्ट में प्रदेश की जनता के प्रति आभार जताते हुए कहा, ''दो दशकों से अधिक समय तक आपने लगातार मुझ पर विश्वास और समर्थन बनाए रखा. इसी भरोसे की ताकत से हमने बिहार और आप सभी की पूरी निष्ठा के साथ सेवा की है. आपके विश्वास और समर्थन की शक्ति से ही आज बिहार विकास और गरिमा की नयी पहचान प्रस्तुत कर पा रहा है.''