दिल्ली के जंतर-मंतर पर अब प्रदर्शन नहीं होगा. अब धरना देने के लिए तीन स्थान रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी मैदान को तय किया गया है. इस पर प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज से पहली प्रतिक्रिया आई है. पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ सिंह ने कहा कि यह वर्तमान सरकार के डर और भय का एक और प्रतीक है.

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कुमार सौरभ ने प्रतिक्रिया देते हुए अपने एक्स हैंडल से पोस्ट किया और कहा, "अहंकार में डूबी मोदी सरकार जनता के भाव और भावनाओं से पूरी तरह से कट गई है."

सीजेआई के बयान का दिया उदाहरण

जन सुराज के नेता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने तंज कसते हुए ये कहा कि 'मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए', मतलब जितनी बड़ी समस्या हो, उतनी ही बड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, न कि आवाजाही पूरी तरह ठप कर आम जनता को परेशान किया जाए.

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सौरभ ने कहा कि पूर्व के घटनाक्रमों पर ध्यान दें तो केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट की उदासीनता के कारण देश में सीजेपी एवं अराजकता के वातावरण का निर्माण हुआ. उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा समय पर हो गया होता तो 'जंतर मंतर' व विपक्ष का प्रोटेस्ट नहीं होता. सीजेपी प्रासंगिक नहीं होता.

केंद्र सरकार को दी नसीहत

जन सुराज के नेता का कहना है कि संविधान ने अधिकार दिया है. संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक अधिकार पर किए गए कुठाराघात पर सुप्रीम कोर्ट को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में समर्थन और विरोध दोनों के लिए धैर्य और समुचित स्थान होना चाहिए. केंद्र सरकार को नसीहत देते हुए कहा, "भारत जैसे देश जहां मजबूत लोकतंत्र है वहां केंद्र सरकार विरोध को कुचल देने का प्रयास करे ये कतई ठीक नहीं है."

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