दिल्ली में 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से प्रस्तावित आंदोलन के बाद केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने यह कहा था कि सरकार कॉकरोच-झींगुर से नहीं डरती है. इस पर अब जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने मांझी पर निशाना साधते हुए बड़ी बात कही है.

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पीके ने कहा, "देखिए, जीतन राम मांझी के शब्दों के चयन और उनके वक्तव्यों को कोई भी गंभीरता से नहीं लेता है… सरकार ऐसे आंदोलनों को दबा या रोक नहीं सकती."

प्रशांत किशोर बीते रविवार (11 अक्टूबर, 2026) को मीडिया से बात कर रहे थे. उन्होंने कहा, "मैं कई महीनों से कह रहा हूं कि शिक्षा, पेपर लीक, बेरोजगारी और चुनाव प्रक्रिया को लेकर समाज में जो असंतोष है, वही अब सड़कों पर दिखाई दे रहा है…"

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'आंदोलन तब तक नहीं रुकेगा जब तक…'

उन्होंने कहा, "दो-चार या पांच दिनों के लिए सेना, अर्धसैनिक बल और पुलिस तैनात करके लोगों को घर से निकलने से रोक सकते हैं लेकिन आपने कल (10 अक्टूबर) देखा… सड़कों पर 40,000 पुलिस कर्मियों और अर्धसैनिक बलों की तैनाती खुद आंदोलन की ताकत, जनता के एकजुट होने की क्षमता और सरकार के डर को दिखाती है. यह आंदोलन तब तक नहीं रुकेगा जब तक सरकार बच्चों की शिक्षा, बेरोजगारी और चुनावी सुधार सहित बुनियादी मुद्दों पर ठोस और विश्वसनीय कदम नहीं उठाती."

बता दें कि 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी (CJP) की ओर से प्रोटेस्ट का ऐलान किया गया था. हालांकि प्रदर्शन कामयाब नहीं हो सका था. हजारों प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए थे. इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी के आह्वान पर बीते रविवार को भी विरोध-प्रदर्शन के दूसरे दिन जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे 200 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था. आज (सोमवार) फिर विपक्षी दलों का सुप्रीम कोर्ट मार्च है. यानी यह तो तय है कि सीईसी ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के खिलाफ गुस्सा अभी शांत नहीं होने वाला है.

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