बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में गंगा नदी में नाव पलटने से 13 लोगों की मौत के बाद जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर आज मंगलवार, 20 अक्टूबर को पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे. उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के परिजनों से मुलाकात की और उनके प्रति संवेदना जताई. इस हादसे में कई परिवारों ने अपने बच्चों को खो दिया है. घटना के बाद से इलाके में मातम पसरा है.

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पीड़ित परिवारों से मुलाकात के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि वह उनके साथ समय बिताने आए हैं. उन्होंने साफ किया कि इस समय राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय पीड़ितों का दुख बांटना जरूरी है.

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‘आज राजनीति का समय नहीं है’

प्रशांत किशोर ने कहा, “सारा दिन जिन परिवारों के साथ हादसा हुआ है, उनके साथ समय बिताने आए हैं. बीजेपी और जेडीयू के जितने नेता लोग हैं, उनसे निपटने के लिए हमारे पास बहुत समय है, आज वो समय नहीं है.” उनके इस बयान को हादसे के बाद पीड़ित परिवारों के बीच संवेदना जताने की प्राथमिकता से जोड़कर देखा जा रहा है.

भोज खाने जा रहे लोगों की नाव गंगा में पलटी

राघोपुर के रामपुर श्यामचंद पंचायत के पास 13 अक्टूबर की रात गंगा नदी में नाव पलट गई थी. नाव पर सवार लोग भोज खाने जा रहे थे. हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी. मरने वालों में अधिकांश बच्चे थे. इस घटना के बाद प्रभावित परिवारों में शोक का माहौल है.

सरकार की भूमिका पर पहले भी उठाए सवाल

प्रशांत किशोर ने हादसे को बेहद दुखद बताते हुए बिहार सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा था कि इतनी बड़ी त्रासदी के बाद पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचकर उनका दुख बांटना सरकार की जिम्मेदारी है. उन्होंने पीड़ितों के प्रति संवेदना जताने को जरूरी बताया था.

पीड़ितों के साथ खड़े होने की अपील

प्रशांत किशोर ने पहले भी कहा था कि ऐसे हादसों के समय राजनीतिक और क्षेत्रीय सीमाओं से ऊपर उठकर पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होना चाहिए. मंगलवार को उनकी राघोपुर यात्रा का मकसद भी प्रभावित परिवारों से मिलना और उनका दुख साझा करना रहा. नाव हादसे में बच्चों समेत 13 लोगों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है.

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