बिहार विधानसभा चुनाव में पिछले साल मिली करारी हार के बाद प्रशांत किशोर अब अपनी पार्टी जनसुराज को फिर से मजबूत करने में जुट गए हैं. चुनावी नतीजों के बाद पार्टी संगठन को लेकर लगातार समीक्षा की जा रही है और अब इसमें बड़े बदलाव शुरू कर दिए गए हैं. इसी कड़ी में जनसुराज ने बिहार में संगठन को विस्तार देते हुए 15 नए प्रदेश महासचिव नियुक्त किए हैं.

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माना जा रहा है कि यह कदम जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ मजबूत करने और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने के लिए उठाया गया है. प्रशांत किशोर का फोकस अब संगठन को सक्रिय करने और आने वाले चुनावों के लिए मजबूत आधार तैयार करने पर है.

संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करेगी नई टीम

जानकारी के अनुसार, ये महासचिव संगठन विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. नई टीम संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करेगी. इन नियुक्तियों में जातिगत संतुलन का विशेष ध्यान रखा गया है. जिसमें यादव, सहनी, मांझी, ब्राह्मण, मुस्लिम समेत अन्य जातियों को तरजीह दी गई है.

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इसमें  प्रदेश महासचिव में दरभंगा से सुरेंद्र मोहन यादव, सहरसा से नवल किशोर सिंह, सीवान से हसमुद्दीन खान, मुजफ्फरपुर से शत्रुघ्न सहनी, भागलपुर से अरविंद साह, किशनगंज से डॉ. विजय कुमार, सारण से ब्रिजेंद्र कुमार सिंह उर्फ मुन्ना भवानी को जिम्मेदारी दी गई है. वहीं, गया से नरेश माझी, वैशाली से सुरेश पटेल, कैमूर से हेमंत चौबे, लखीसराय से अमित सागर, पूर्वी चंपारण से सुबोध यादव, पूर्णिया से मो. इतेफाक आलम, बेगूसराय से संजय गौतम और दरभंगा से समीउल्लाह शमीम को महासचिव का पदभार दिया गया है.

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पार्टी में संगठनात्मक बदलाव की प्रक्रिया तेज

विधानसभा चुनाव में सुपड़ा साफ होने के बाद प्रशांत किशोर ने जन सुराज पार्टी में संगठनात्मक बदलाव की प्रक्रिया तेज कर दी है. चुनावी नतीजों के बाद ही पार्टी की पंचायत और प्रदेश स्तर की इकाइयों को भंग कर दिया गया था. अब नए सिरे से संगठन को खड़ा करने की कवायद शुरू हो गई है. हाल ही में पीके ने पश्चिम चंपारण जिले के बगहा से बिहार नवनिर्माण यात्रा की शुरुआत भी की है.

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