जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर शनिवार (01 अगस्त) को अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ चुनाव आयोग के कार्यालय पहुंचे और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने पिछले 3 दिनों में हुई पुलिसिया कार्रवाई को लेकर शिकायत दर्ज कराई. प्रशांत किशोर की चुनाव आयोग से शिकायत के बाद पटना SSP के खिलाफ जांच का आदेश दिया गया है.
मुलाकात के बाद प्रशांत किशोर ने कहा, "हम लोग अपने सभी वरिष्ठ साथियों के साथ मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मिले हैं और उनको पिछले तीन दिनों में हुई पुलिसिया कार्रवाई के बारे में बताया है. पुलिस ने सत्तारूढ़ दल के साथ मिलकर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की है. मतदाताओं को डराने और धमकाने का प्रयास हुआ है. जिस तरीके से पुलिस से मिलकर यहां आपराधिक तत्वों ने गुंडागर्दी की है, जिसे पूरे पटना, बांकीपुर और बिहार की जनता ने देखा है, उसके खिलाफ हमने पटना के एसएसपी के नाम से निर्वाचन आयोग को प्रतिवेदन दिया है."
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चुनाव आयोग ने दिए जांच के आदेश
प्रशांत किशोर ने बताया कि "मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा है कि वह अभी तत्काल जांच के आदेश दे रहे हैं और नियमानुसार जांच के बाद जो भी कार्रवाई होगी, वह की जाएगी. जो याचिका हम लोगों ने एसएसपी और उनके अधीनस्थ पदाधिकारियों के खिलाफ दी है, उसमें जो विशेष सबूत हैं और उनके द्वारा की गई कार्रवाई का पूरा विवरण है, वह निर्वाचन आयोग को उपलब्ध करा दिया गया है. कल (रविवार) सुबह 11 बजे प्रेस के माध्यम से हम लोग आपको भी वे सभी सबूत साझा करेंगे."
लोकतंत्र की हत्या का लगाया आरोप
प्रशांत किशोर ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, "उन्होंने अपने पदाधिकारियों के साथ मिलकर लोकतंत्र की हत्या करने में अपनी भूमिका निभाई है. यहां लोकतंत्र का चीरहरण हुआ है. मतदाताओं को डराया गया है. कार्यकर्ताओं को बिना किसी वजह के गिरफ्तार किया गया है. इन सभी विषयों की विस्तृत जानकारी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को दी गई है."
उन्होंने कहा कि शिकायत के समर्थन में सभी जरूरी दस्तावेज और सबूत चुनाव आयोग को सौंप दिए गए हैं और अब आयोग की जांच के बाद आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जाएगा.
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