बिहार में भ्रष्टाचार का बोलबाला है, लेकिन कार्रवाई भी जारी है. शनिवार (01 अगस्त, 2026) को जब मंत्री लखेंद्र पासवान ने खुद कान से घूस मांगने की बात को सुना तो तुरंत फोन घुमाया और सस्पेंड करने का आदेश दे दिया. घूस मांगने वाला डाटा ऑपरेटर था. उसने 50 हजार रुपये मांगे थे. तुरंत मंत्री ने एक्शन लेते हुए पदाधिकारी से कह दिया कि इसको एक घंटे के अंदर सस्पेंड करो.

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क्या है पूरा मामला?

पूरा मामला सीतामढ़ी के सोनबरसा थाना क्षेत्र का है. अपनी समस्या को लेकर फरियादी अनुसूचित जाति एवं जनजाति विभाग के मंत्री लखेंद्र पासवान के पास पहुंचा था. उसकी ओर से शिकायत की गई कि डाटा ऑपरेटर ने अनुसूचित जाति जनजाति के अनुदान के लिए पैसे की मांग की है. 50,000 रुपये घूस मांगे जा रहे हैं.

बात सुनकर मंत्री ने फरियादी से कहा कि पैसे मांगने वाले को वह फोन लगाए. मंत्री खुद बगल में ही थे. फोन लगाने पर डाटा ऑपरेटर ने 50 हजार की डिमांड कर दी. मंत्री ने तुरंत एक्शन लिया और सस्पेंड करने के लिए कह दिया.

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इस पूरे मामले पर मंत्री से पूछा गया तो उन्होंने कहा, "मैं यहीं बैठा था. उस व्यक्ति ने हमसे शिकायत की. उस डाटा ऑपरेटर को फोन किया गया जो सीतामढ़ी के सोनबरसा में काम करता है. उसने पैसे की मांग की. तत्काल हमने अधिकारियों को निर्देश दे दिया फोन पर ही कि तुरंत उसको सस्पेंड करो. पूरे मामले की जांच करो..." 

'मुझे सस्पेंशन लेटर भेजो…'

मंत्री लखेंद्र पासवान ने बताया कि चंदन नाम का डाटा ऑपरेटर है. वह उनके ही सामने पैसे की डिमांड कर रहा था. दो टूक में फोन पर उन्होंने पदाधिकारी से कहा कि उसका (डाटा ऑपरेटर) सस्पेंशन लेटर मुझे भेजो. अगर नहीं किया तो मैं तुम्हें सस्पेंड कर दूंगा. उधर खबर है कि उस डाटा ऑपरेटर को अब सस्पेंड कर दिया गया है.

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