बिहार की नई सरकार के गठन के बाद शुक्रवार (24 अप्रैल, 2026) को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विश्वासमत हासिल किया. फ्लोर टेस्ट में पास होने पर जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने प्रतिक्रिया दी है. प्रशांत किशोर ने कहा कि यह जो बहुमत है लोकप्रियता का बहुमत नहीं है. लोकप्रियता का बहुमत होता तो 202 विधायकों के समर्थन से जीता हुआ मुख्यमंत्री अपना पद छोड़कर राज्यसभा नहीं जाता. 

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पीके ने कहा, "यह जो बहुमत है 10 हजार रुपये से खरीदा हुआ है. चुनाव आयोग की मदद से हासिल किया हुआ है. सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर हासिल किया बहुमत है. पिछले दरवाजे से बहुमत को हासिल किया गया था और जिन लोगों ने बहुमत को हासिल करने में भूमिका अदा की थी उन लोगों ने नीतीश कुमार को हटाया और अपने के व्यक्ति को बैठाया."

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'नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने सम्राट को बनाया सीएम'

प्रशांत किशोर ने कहा कि सम्राट चौधरी का चाल, चरित्र, चेहरा क्या है ये चुनाव से पहले जन सुराज ने बिहार की जनता को बताया है. सम्राट चौधरी को किसी अदालत ने बरी नहीं किया है. सिर्फ उनके नाबालिग होने की वजह से उनको राहत मिली. सम्राट चौधरी खुद से मुख्यमंत्री नहीं बने हैं. उनको नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने बनाया है.

जन सुराज के सूत्रधार ने यह बयान बिहार के खगड़िया में दिया है. वे पत्रकारों से बात कर रहे थे. उन्होंने सम्राट चौधरी को लेकर आगे कहा, "ये ऐसे व्यक्ति हैं, जिनका नाम किसी को पता नहीं है कि राकेश कुमार, राकेश कुमार मौर्य या सम्राट चौधरी है. सीएम 1981 में जन्मे या 1968 में ये भी किसी को नहीं पता है. उन्होंने अपने एक एफिडेविट में लिखा है 7वीं पास हैं, दूसरे एफिडेविट में लिखा है कि अमेरिका से D.LIT किए हैं."

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