राजस्व भूमि सुधार विभाग में करीब 2 महीने से अंचल कार्यालय में कार्यरत राजस्व अधिकारियों की हड़ताल पर विभाग के बड़े अधिकारियों ने बड़ा एक्शन लिया तो हड़ताली अधिकारी खुद व खुद कम पर लौटने लगे. दरअसल सोमवार (30 मार्च) की सुबह विभाग ने हड़ताल में शामिल उन राजस्व अधिकारियों को टारगेट किया है जो 69वीं बीपीएससी पास होकर राजस्व कर्मी के रूप में काम कर रहे हैं और वह हड़ताल पर हैं.
इस विभाग में 69 परीक्ष्यमान (प्रोबेशन) राजस्व अधिकारियों का चयन किया और सभी को स्पष्टीकरण लेटर भेज दिया. लेटर में कहा गया कि अगर संतोषजनक जवाब नहीं हुआ तो इन लोगों की नौकरी भी जा सकती है. लेटर जारी होने के कुछ घंटे बाद ही शाम तक 69 में 30 परीक्ष्यमान राजस्व अधिकारी काम पर लौट गए. अब विभाग ने शेष 39 अधिकारियों को को 31 मार्च की शाम तक का समय दिया है.
उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने अपनाया सख्त रुख
उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने साफ शब्दों में कहा है कि हड़ताल के मुद्दे पर सरकार ने स्पष्ट रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि 69वीं बीपीएससी बैच के 69 परीक्ष्यमान राजस्व अधिकारियों में से अब तक 30 अधिकारी कार्य पर वापस लौट चुके हैं, जबकि शेष अधिकारियों को कल 31 मार्च तक का अंतिम अवसर दिया गया है.
विजय सिन्हा ने अधिकारियों को दी चेतावनी
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो अधिकारी निर्धारित समय सीमा तक अपने कार्यस्थल पर वापस नहीं लौटेंगे, उनके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी.विजय सिन्हा ने बताया कि हड़ताल के बावजूद अभी 563 बिहार राजस्व सेवा के अधिकारी राज्य में कार्यरत हैं.
सरकार ने व्यवस्था सुनिश्चित कर दी है कि 1 अप्रैल से राज्य के सभी अंचलों में राजस्व सेवा के अधिकारी अनिवार्य रूप से पदस्थापित रहेंगे. इससे दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई मापी, भूमि विवाद, प्रमाण पत्र और अन्य राजस्व से जुड़े कार्यों का निष्पादन प्रभावित नहीं होगा.
'सरकार जनता के हितों से समझौता नहीं करेगी'
उपमुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि सरकार जनता के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि सरकारी व्यवस्था को बाधित करने, भ्रष्टाचार करने या प्रशासनिक अनुशासन तोड़ने वालों के लिए सरकार में कोई स्थान नहीं है.
राज्य सरकार पूरी सख्ती के साथ कानून और नियमों के अनुसार कार्रवाई करेगी ताकि प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत रहे और जनता को बिना किसी बाधा के सेवाएं मिलती रहें.अराजकता फैलाने वालों पर भी सख्त नजर रखी जा रही है.
भूमि सुधार विभाग के उप सचिव ने क्या कहा?
बता दें कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के उप सचिव संजय कुमार सिंह द्वारा सभी को अलग–अलग पत्र भेजकर 69वीं बीपीएससी बैच के 69 अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है. विभाग द्वारा कहा गया है कि इन अधिकारियों द्वारा लिया गया सामूहिक अवकाश अवैध घोषित किया जा चुका है. यानी इस अवधि को सेवा में नहीं गिना जाएगा.
संबंधित अधिकारियों पर आरोप है कि 25 मार्च 2026 की शाम 5 बजे तक उन सभी ने अपने-अपने पदों पर योगदान नहीं दिया है. पत्र में कहा गया है कि यह आचरण न केवल सरकारी आदेशों की अवहेलना है, बल्कि बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1976 के नियम 3(1) का भी उल्लंघन है.
ऐसे में संबंधित अधिकारियों से पूछा गया है कि उनके खिलाफ सेवा से बर्खास्तगी की कार्रवाई क्यों नहीं की जाए. सख्त चेतावनी देते हुए कहा गया है कि यदि 13 अप्रैल 2026 तक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होता है, तो यह मान लिया जाएगा कि अधिकारियों को इस विषय में कुछ नहीं कहना है, और उनके विरुद्ध एकतरफा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
वापस अपने काम पर लौटे 30 अधिकारी
विभाग के इस लेटर मिलने के बाद सभी 69 अधिकारी हरकत में आए और नौकरी बचाने के लिए इनमें से 30 आज ही काम पर वापस आ चुके हैं. बिहार के 24 जिलों में 69वीं बीएससी पास कर राजस्व अधिकारी में कार्यरत हुए 69 परीक्ष्यमान अधिकारी हैं.
यह वैसे अधिकारी होते हैं जो नौकरी ज्वाइन कर लिया है लेकिन उनकी अवधि होती है 6 महीना से लेकर 2 साल तक. सरकार उन अधिकारियों को पर निगरानी रखती है. अगर उनका आचरण या उनका काम संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो सरकार नोटिस देकर उनके खिलाफ बड़ा निर्णय ले सकती है.
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