बिहार की राजधानी पटना से सटे दानापुर इलाके में सोमवार रात एक सनसनीखेज वारदात सामने आई. यहां एक रिटायर्ड क्लर्क के बेटे का अपहरण कर बदमाशों ने 30 लाख रुपये की भारी-भरकम फिरौती मांग ली. हालांकि, पटना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज 4 घंटे के भीतर अपहृत युवक को सकुशल बरामद कर लिया और इस किडनैपिंग गैंग में शामिल 5 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

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दानापुर की मिथिला कॉलोनी के रहने वाले शंकर प्रसाद भवन निर्माण विभाग से क्लर्क के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं. सोमवार रात उनके बेटे सन्नी कुमार का बदमाशों ने अपहरण कर लिया और परिजनों से 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी. परिजनों ने बिना समय गंवाए इसकी सूचना पुलिस को दी और थाने में शिकायत दर्ज कराई. मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश और नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) की निगरानी में तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया गया.

तकनीकी जांच से 4 घंटे में रेस्क्यू

गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर जांच शुरू की. पुलिस जांच में सामने आया कि अपहरण के बाद सन्नी को पहले लेखानगर इलाके में रखा गया था. वहां से जब बदमाश उसे किसी दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए ले जा रहे थे, तभी पुलिस ने रूपसपुर नहर रोड पर घेराबंदी कर सन्नी को सकुशल बरामद कर लिया. यह पूरी रेस्क्यू कार्रवाई महज 4 घंटे के भीतर पूरी कर ली गई.

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दिल्ली-हरियाणा की गाड़ियां और नंबर प्लेट बरामद

इस अपहरण कांड में पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपियों में पटना के फुलवारी शरीफ (मंझौली) निवासी राहुल कुमार और विशाल कुमार, हरियाणा के गनौर निवासी हिमांशु सिंह और नई दिल्ली के लोदी रोड निवासी प्रतीक वाजपेयी शामिल हैं. गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल 1 कार, 1 मोटरसाइकिल, 3 मोबाइल फोन और 2 अतिरिक्त नंबर प्लेट बरामद किए हैं.

दानापुर 01 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) शिवम धाकड़ ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपियों से पूछताछ कर पुलिस आगे की सघन जांच में जुटी हुई है.