बिहार में लागू शराबंबदी कानून को लेकर उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी (आरएलएम) के विधायक माधव आनंद ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया है. बुधवार (25 फरवरी, 2026) को उन्होंने कहा कि कि सदन और मीडिया के माध्यम से अपनी बातों को तीन-चार दिनों से रख रहा हूं. मुझे लगता है इस पर अब बहुत ज्यादा बात करने की आवश्यकता नहीं है. थोड़ा इंतजार कीजिए. बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समीक्षा करेंगे. मुझे पूरा विश्वास है. क्योंकि सब लोगों की मांग है. जनहित से जुड़ा मामला है. 

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इस सवाल पर कि कांग्रेस के लोग कह रहे हैं कि शराबबंदी कानून को ही खत्म कर दिया जाए. इस पर माधव आनंद ने जवाब दिया, "देखिए… जब विस्तृत समीक्षा होगी तभी तो इस बात का पता चलेगा… शराबबंबदी का पक्ष-विपक्ष सभी लोगों ने एक स्वर में समर्थन किया था… तो विस्तृत समीक्षा जब होगी तब पता चलेगा… इसके बाद शराबबंदी चालू रहे या खत्म करने की आवश्यकता महसूस हो… या कानून को और कठिन बनाना चाहिए… विस्तृत समीक्षा के बाद ही निर्णय लिया जाएगा. जहां तक कांग्रेस के लोगों की मांग है, मुझे लगता है कि उनको भी थोड़ा इंतजार करना चाहिए." 

'पूर्व में भी की गई शराबबंदी कानून की समीक्षा'

मीडिया ने माधव आनंद से कहा कि ऐसा लग रहा है कि इस पर सरकार सीरियस नहीं है. क्योंकि कई बार यह मांग की गई है. इस पर जवाब देते हुए कहा कि सुशासन बाबू की सरकार है. कोई भी कानून बनता है तो मुख्यमंत्री समीक्षा करते रहे हैं. ऐसा नहीं है कि पूर्व में शराबबंदी कानून की समीक्षा नहीं हुई है. कानून में कई संशोधन भी हुए हैं. मैंने इस बार विस्तृत समीक्षा की बात कही है. विस्तृत समीक्षा होगी तो तमाम पहलुओं पर चर्चा होगी. यह भी साफ होगा कि इस कानून की आवश्यकता है कि नहीं है. 

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ऐसा लग रहा है कि जेडीयू अलग-थलग पड़ गई है. क्योंकि जीतन राम मांझी, उपेंद्र कुशवाहा, बीजेपी इस मुद्दे पर सभी एकजुट हो गए हैं. इस पर कहा कि एनडीए का कुनबा एकजुट है. कोई मतभेद नहीं है. न मतभेद है न मनभेद है. हम लोगों ने मांग की है. थोड़े समय का इंतजार कीजिए. निश्चित रूप से मुख्यमंत्री इस पर समीक्षा करेंगे. मुझे पूरा भरोसा है. अब देखने वाली बात होगी कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार क्या करते हैं. क्योंकि जेडीयू ने पहले ही साफ कर दिया है कि ढिलई कहीं से नहीं होगी. कानून लागू रहेगा.

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