बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार 8 मई को हुई आंधी-बारिश ने भयंकर तबाही मचाई है, पटना में 500 से अधिक बड़े-बड़े पेड़ गिरकर सड़क पर आ गए. वहीं, कई बड़े-बड़े होल्डिंग गिरकर नीचे आ गए, तो डेढ़ वर्ष पहले बने पटना के ऐतिहासिक धरोहर बापू टावर का सौंदर्यीकरण भी खत्म हो गया.

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बताया गया कि सुंदरता के लिए बापू टावर का कवर तांबे के प्लेट से किया गया था, लेकिन यह आंधी करीब आधा दर्जन प्लेट को उड़ा ले गई. तांबे की प्लेट गिरने से अधिकारी हरकत में आए और तीन दिनों तक आम लोगों के लिए बापू टावर में एंट्री रोक दी गई और दोबारा निर्माणकार्य शुरू किया गया है.

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2024 में पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने किया था उद्घाटन

बता दें कि पटना के निवर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की यादों को म्यूजियम के रूप में बनाने की परिकल्पना करके बापू टावर का निर्माण करवाया था. जो 2 अक्टूबर 2024 में नीतीश कुमार ने क्या उद्घाटन किया था. बापू टावर का निर्माण 100 करोड़ से अधिक की लागत से हुई है और इसकी देखरेख में 200 से ज्यादा कर्मचारी और अधिकारी है.

तेज आंधी ने खत्म की टावर की सुंदरता

हालांकि, निर्माण के अभी डेढ़ वर्ष ही पूरे हुए हैं और इसकी सुंदरता को तेज आंधी ने खत्म कर दिया. अब निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं. साथ ही जिस एजेंसी को यह टॉवर बनाने का जिम्मा सौंपा गया था, उस पर प्रश्न चिन्ह लगने लगे हैं और गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं.

वीआईपी इलाकों में गिरे विशालकाय पेड़

पटना में शुक्रवार को आई आंधी में कई वीआईपी इलाकों के बड़े-बड़े पेड़ गिरकर सड़क पर आ गए. मुख्यमंत्री आवास हो या उपमुख्यमंत्री आवास, सभी के किनारे बड़े बड़े पेड़ गिरकर सड़क पर आ गये. लालू प्रसाद यादव की आरजेडी कार्यालय में बहुत बड़ा विशाल आम का पेड़ टूट कर गिर गया. संजोग रहा की 2 मिनट पहले तेजस्वी यादव वहां से बाहर निकले थे. हालांकि, पटना नगर निगम की लापरवाही भी सामने आई है कि पेड़ों हटवाया नहीं गया है.

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