बिहार में गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ और गन्ना उद्योग के बीच बड़ा समझौता हुआ है. इसमें 25 नई चीनी मिलों और एआई तकनीक पर जोर दिया जाएगा. इस बीच एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं.
गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार और एनएफसीएसएफ के प्रबंध निदेशक प्रकाश नायकनावरे ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए. इस अवसर पर पटना के एक होटल में सोमवार (30 मार्च) देर शाम एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था.
इन कामों के लिए किया गया एमओयू
MOU किसानों की आय में सुधार के लिए, गन्ना उत्पादन बढ़ाने, आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने के लिए किया गया है. इस पहल से बंद पड़ी चीनी मिलों के पुनर्जीवन और नई मिलों की स्थापना को गति मिलेगी.
एनएफसीएसएफ के तकनीकी सहयोग से गन्ना उद्योग विभाग को उन्नत गन्ना किस्मों की उपलब्धता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई तकनीकों को गन्ना के क्षेत्र में शामिल कर योजना के कार्यान्वयन एवं गन्ना के विकास में मदद मिलेगी.
गन्ना उद्योग विभाग ने दी यह जानकारी
गन्ना उद्योग विभाग के अनुसार सरकार का लक्ष्य बिहार को गन्ना उत्पादन और चीनी उद्योग के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाना, किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है. सरकार बंद पड़ी मिलों को चालू करने और 25 नई चीनी मिलों की स्थापना की दिशा में काम कर रही है.
इसके लिए गन्ना उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. बिहार में चीनी मिलों को पर्याप्त मात्रा में गन्ना उपलब्ध हो इसके लिए उत्पादन बढ़ाना होगा. इसमें एआई का उपयोग बढ़ाया जाएगा. बता दें सरकार अगले 5 वर्षों में 25 नई चीनी मिलें स्थापित करने और बंद पड़ी 9 पुरानी मिलों को फिर से चालू करने का दिशा में काम कर रही है. जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा और गन्ना किसान समृद्ध होंगे.
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