बिहार की राजधानी पटना में कल (23 फरवरी) चौकीदार और दफादार अपने पूर्वजों की जगह नौकरी की मांग को लेकर सड़क पर उतर थे. उनका कहना था कि दफादार, चौकीदार का ही एक अंग होता है. सेवानिवृत्त दफादार और चौकीदारों के आश्रितों की बहाली की मांग को लेकर यह प्रदर्शन निकाला गया था, जो पटना के कारगिल चौक से शुरू हुआ. प्रदर्शनकारी जत्था डाक बंगला चौराहे तक पहुंचे और बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास करने लगे. इसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज कर दिया और सड़क पर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर भी लाठियां चटकाई गईं.

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बजट सत्र के दौरान सदन में विपक्ष ने किया जोरदार हंगामा

इस मामले में आज (24 फरवरी)विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन में विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया. विपक्षी विधायकों ने सदन के वेल में इस मुद्दे को लेकर नारेबाजी की और 'नीतीश होश में आओ' और 'तानाशाही लाठी तंत्र की सरकार नहीं चलेगी' जैसे नारे लगाए. सोमवार को यह प्रदर्शन मानदेय बढ़ाने और सेवा शर्तों में सुधार की मांग को लेकर हुआ था और विपक्षी विधायक, सरकार से इन मांगों को पूरा करने की बात कह रहे थे.

इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सदन में कहा कि,'ई सब नहीं चलेगा, हम लोग की संख्या देखो और अपनी संख्या देखो. आप लोग कितने कम हो'. इसके बाद उन्होंने यह भी कहा कि 'आपकी सरकार में कोई काम नहीं हुआ था, हम लोग काफी काम किए हैं. आप लोग सब बिना मतलब की बात कर रहे हैं'.

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सीएम नीतीश कुमार और राजद विधायक भाई वीरेंद्र के बीच हुई कहासुनी

सदन में चल रही इस बहस के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद विधायक भाई वीरेंद्र के बीच कहासुनी भी हुई. वहीं इसके बाद जदयू कोटे के मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि विपक्ष ने चौकीदार-दफादार का मुद्दा उठाया और प्रदर्शन नहीं रोका. उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में सबको अपनी बात रखने का अधिकार है और हम लोग यह प्रदर्शन नहीं रोकेंगे. मगर सरकार ने कहा कि सेवा शर्तों पर उनका फैसला ऐतिहासिक है और बाकी मांगों पर सरकार विचार करेगी.