पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ ​​पप्पू यादव अपनी सुरक्षा हटाए जाने का दावा किया और भड़क गए. उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा है कि उनकी सुरक्षा हटाकर उनके ऊपर हमला करने की मंशा रखने वाले को खुला निमंत्रण दे दिया गया है. उन्होंने अपनी जान को खतरा बताते हुए सवाल किया कि मेरी सुरक्षा बार-बार क्यों हटाई जा रही है. उन्होंने कहा कि इसे लेकर हाई कोर्ट गए हैं. सदन में गृहमंत्री से भी मिलेंगे.

सांसद पप्पू यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा, ''अपराधी को खुला खिताब दे देना कि हमने सुरक्षा हटा लिया है, तुम मार दो. Y सिक्योरिटी मुझे मिली हुई है, उसमें इनकी कृपा तो कुछ थी नहीं. आप क्यों बार-बार मेरी सुरक्षा को हटा रहे हो. पहले मधेपुरा से सुरक्षा हटा लिए, जब अभी गिरफ्तारी हुई थी. उसके पहले पूर्णिया में तीन एसएलआर वाला था, उसको हटा लिए और अब आज आनन फानन में बीएमपी सुरक्षा हटा लिए.''

सुप्रीम कोर्ट भी जाएंगे, गृहमंत्री से भी मिलेंगे- पप्पू यादव

जब उनसे पूछा गया कि आपके साथ ऐसा क्यों हो रहा है? इस सवाल पर पप्पू यादव ने कहा, ''हम इसे लेकर हाई कोर्ट गए हुए हैं, आज बहस हुई है. सुप्रीम कोर्ट भी जा रहे हैं. स्पीकर साहब से भी मिले हैं. सदन में गृहमंत्री से मिलेंगे, हर कीमत पर उनसे मुलाकात करेंगे.''

6 फरवरी को पप्पू यादव की हुई थी गिरफ्तारी

गौरतलब है कि सांसद पप्पू यादव को 6 फरवरी 2026 को पटना के उनके मंदिरी स्थित आवास से गर्दनीबाग पुलिस स्टेशन में दर्ज 31 साल पुराने मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी के दौरान, उनके समर्थकों ने हंगामा करते हुए विरोध जताया था. इस दौरान उनके समर्थकों और पुलिस के बीच कहा सुनी भी हुई थी. इसके बाद उनके खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया था.

गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव की तबीयत खराब हो गई थी, जिसके बाद उन्हें इंदिरा गांधी आयुर्वेद संस्थान (आईजीआईएमएस) ले जाया गया और बाद में पीएमसीएच रेफर कर दिया गया था. मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उन्हें बाद में बेऊर जेल भेज दिया गया. इसके बाद 10 फरवरी को अदालत ने उन्हें 31 साल पुराने गर्दानीबाग मामले में जमानत दे दी थी. एमपी-एमएलए कोर्ट में पेशी के दौरान वो व्हीलचेयर पर नजर आए थे.