बिहार के मुख्यमंत्री का पद छोड़ने से पहले भी नीतीश कुमार एक्टिव नजर आ रहे हैं. वो शनिवार (07 मार्च) को अपने गृह क्षेत्र बख्तियारपुर दौरे पर निकले हैं, जहां विकास कार्यों का जायजा लेंगे. इस दौरान सीएम नीतीश कुमार बख्तियारपुर इंजीनियरिंग कॉलेज का निरीक्षण करेंगे. इसके साथ ही यहां चल रही योजनाओं की समीक्षा भी करेंगे. इसके अलावा अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश जारी करेंगे. CM के साथ जदयू कोटे के मंत्री विजय चौधरी भी मौजूद हैं.

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नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना तय

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा में जा रहे हैं. उन्होंने गुरुवार (05 मार्च) को राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया था. नीतीश कुमार बिहार विधानमंडल के दोनों ही सदनों के मेंबर रह चुके हैं. वो लोकसभा सदस्य भी रहे हैं, लेकिन राज्यसभा के सदस्य नहीं बन सके थे. उन्होंने नामांकन से पहले राज्यसभा में जाने की इच्छा जताते हुए घोषणा की थी.

अमित शाह की मौजूदगी में नीतीश कुमार का नामांकन

जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रमुख और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में नामांकन पत्र दाखिल किया था. शाह इस मौके पर दिल्ली से पटना पहुंचे थे. नामांकन के दौरान बिहार के दोनों डिप्टी सीएम समेत कई अन्य नेता भी मौजूद रहे. बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा में NDA के पास 202 विधायकों का बहुमत है. हालांकि सभी पांच सीट जीतने के लिए उसे तीन और वोटों की जरूरत होगी. 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग है.

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साल 2000 में पहली बार बने थे बिहार के सीएम

नीतीश कुमार साल 2000 में पहली बार बिहार में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे थे, हालांकि उनका ये कार्यकाल महज 7 दिन का रहा था. 2005 में उन्होंने 5 साल का अपना कार्यकाल पूरा किया. इसके बाद मई, 2014 से लेकर फरवरी, 2015 के बीच के कुछ वक्त को छोड़ दें तो वे लगातार प्रदेश की सत्ता में रहे. 

2025 में विधानसभा चुनाव भी नीतीश के नाम पर लड़ा गया

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 भी नीतीश कुमार के चेहरे पर लड़ा गया. बीजेपी बड़ी पार्टी बनी लेकिन सीएम की कुर्सी एक बार फिर से नीतीश कुमार को ही मिली. अब करीब 4 महीने बाद ही वो राज्यसभा जा रहे हैं. वहीं नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति में आने की चर्चा है. ऐसा कहा जा रहा है कि उन्हें डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है.