राज्यसभा जाने का फैसला लेकर नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने सबको हैरान कर दिया है. उनके बिहार छोड़ने से ना सिर्फ कार्यकर्ता बल्कि परिवार के लोग भी गम में हैं. परिवार भी नहीं चाहता कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जाएं. सीएम ने भले एक्स पर पोस्ट कर यह कहा कि वे अब राज्यसभा जाना चाहते हैं लेकिन परिवार इस फैसले को साजिश बता रहा है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बहनोई अनिल कुमार ने केंद्रीय मंत्री ललन सिंह (Lalan Singh) और सांसद संजय झा (Sanjay Jha) पर गंभीर आरोप लगाया है.

'बिना साजश के तो ये नहीं हो सकता'

मीडिया से बातचीत में अनिल कुमार ने कहा, "कार्यकर्ताओं का तो साफ कहना है कि ललन सिंह और संजय झा सब कर रहे हैं. टिकट बंटवारे के समय से ही यह सब हुआ है. चिराग पासवान को इतनी सीट देने की क्या जरूरत थी. वहीं तो खेला हुआ है. बिना साजिश के तो ये नहीं हो सकता है." 

'…तब तक पार्टी नहीं बचेगी'

अनिल कुमार ने सवाल उठाया कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बनने के 110 दिन बाद ही राज्यसभा का कैंडिडेट बन गए. उन्होंने कहा कि यहां पूरी पार्टी में रावण बैठा है. जब तक निशांत (नीतीश कुमार के बेटे) नहीं आएगा पार्टी नहीं बचेगी.

यह भी पढ़ें- नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर अनंत सिंह की पहली प्रतिक्रिया, 'जब बिहार निराशा और…'

पीएम मोदी के पोस्टर पर पोता कालिख

उधर पटना में जेडीयू के नाराज कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पोस्टर पर कालिख पोता. नीतीश कुमार के फैसले का विरोध किया. बता दें कि बीते गुरुवार (05 मार्च, 2026) को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने के लिए नामांकन किया था. इसके बाद से ही जेडीयू के कार्यकर्ताओं में नाराजगी दिख रही है. कार्यकर्ता इसे साजिश बता रहे हैं. नीतीश कुमार को इस फैसले को वापस लेने के लिए कह रहे हैं. 

वहीं विपक्ष भी सवाल उठा रहा है. आरजेडी के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा, "सच सामने आ गया है! नीतीश कुमार जी ने स्वेच्छा से नहीं, बल्कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के भारी दबाव में इस्तीफा देकर राज्यसभा का नामांकन किया है. चुनाव में बीजेपी और जेडीयू का वादा था '25 से 30, फिर से नीतीश', लेकिन पहले ही बजट सत्र में, मात्र 3 महीने के अंदर बीजेपी ने उन्हें 'फिनिश' कर दिया."

यह भी पढ़ें- चिराग पासवान को मुख्यमंत्री बनाने की मांग उठी, क्या BJP मानेगी? कांग्रेस बोली- 'कम से कम…'