मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार (29 जनवरी) को बिहार कैबिनेट की अहम बैठक हुई. इसमें राज्य के विकास की योजनाओं के लिये कुल 31 प्रस्ताव पर मुहर लगी है. कैबिनेट की बैठक में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति बढ़ाकर दोगुनी कर दी गई है. क्लास 1 से 4 तक के छात्राओं को 600 मिलते थे जो बढ़कर 1200 किए गए हैं. 

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वहीं क्लास 5 और 6 के लिए पहले 1200 मिलते थे जो 2400 किए गए हैं. इसके साथ ही क्लास 7 से 10 तक के लिए बच्चों को 1800 मिलते थे जो 3600 कर दिए गए हैं. वहीँ छात्रावास में रहने वाले छात्र छात्राओं को कक्षा 1 से 10 तक के जो पहले 3000 मिलते थे उसे बढ़ाकर 6000 कर दिया गया है. इसमें करीब 27 लाख छात्राओं को लाभ मिलेगा और इसके लिए प्रतिवर्ष 529 करोड़ 64 लाख खर्च होंगे.

छत्रावास अनुदान की राशि बढ़ाई गई

नीतीश कुमार कैबिनेट ने बड़ा फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के छात्रावास अनुदान की राशि बढ़ा दी है. इस योजना के तहत छात्रावास अनुदान जो पहले 1000 रुपये मिल रही थी, अब इसे बढ़ाकर 2000 कर दिया गया है. इसमें 8150 छात्र छात्राएं लाभान्वित हो सकेंगे. यह 1 जनवरी 2026 के प्रभाव से छात्र-छात्राओं को 1000 रुपये की जगह पर 2000 रुपये का भुगतान किया जाएगा. राज्य सरकार को इसके लिए हर साल 19 करोड़ 56 लाख रुपए अतिरिक्त खर्च करने होंगे.

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गोरखा वाहिनी के लिए 40 करोड़ से अधिक राशि की मंजूरी

कैबिनेट से बिहार सशस्त्र बल 01 गोरखा वाहिनी की स्थापना करने की मंजूरी मिली है. इसके लिए आधारभूत संरचना निर्माण पटना के नौबतपुर में बनाया जाएगा जो 30 एकड़ भूमि में चिन्हित की गई है. इस भवन निर्माण के लिए 40 करोड़ 54 लाख 41 हजार 38 रुपए की मंजूरी आज कैबिनेट में मिली है. इस राशि से जमीन अधिग्रहण का काम किया जाएगा.

पटना स्थित चिड़ियाघर को लेकर अहम फैसला

संजय गांधी जैविक उद्यान पटना (चिड़ियाघर) में टॉय ट्रेन चलाने के लिए ब्रिज रिटेनिंग वॉल, ड्रेनेज सिस्टम समेत अन्य काम करने के लिए 5 करोड़ 81 लाख 13 हजार रुपए की मंजूरी कैबिनेट से मिली है, जो दानापुर रेल मंडल के माध्यम से की जाएगी.

राज में बन रहे हैं के मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के निर्माण कार्य जो कई जगहों पर लंबित हो चुके हैं उसके  काम चालू करने के लिए 5 अरब की  राशि की स्वीकृति कैबिनेट में मिली है और जल्द से जल्द काम शुरू करने का निर्देश भी दिया गया है.

सोशल मीडिया चलाने वाले कर्मचारियों पर ये फैसला

सोशल मीडिया पर अपना अकाउंट बनाने या सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वाले सरकारी कर्मचारी या पदाधिकारी पर नकेल कसी जाएगी. इसके लिए बिहार ज्यूडिशल ऑफीसर कंडक्ट रूल्स 2026 की स्वीकृति आज कैबिनेट में मिली है. इसमें कई निर्देश दिए गए हैं. इसमें सोशल मीडिया से बचने का निर्देश दिया गया है. सोशल मीडिया पर दिए गए अकाउंट का उपयोग नहीं करने, सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत राय व्यक्ति नहीं करने का निर्देश दिया गया है या कोई भी संवेदनशील जानकारी पोस्ट नहीं करेंगे.