बीजेपी प्रवक्ता निखिल आनंद (Nikhil Anand)ने ट्वीट कर जेडीयू के वरिष्ठ नेता और पूर्व एमएलसी गुलाम रसूल बलियावी (Gulam Rasool Balyawi) के सेना में मुसलमानों की 30 प्रतिशत भागीदारी की मांग वाले बयान पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा है कि यदि पूर्व एमएलसी को मुसलमानों की इतनी ही चिंता है तो वे 80 प्रतिशत पसमांदा (Pasmanda) समाज को उनकी आबादी के अनुपात में समुचित सम्मान दिलाएं. उन्होंने पूर्व एमएलसी से कहा है कि वे पसमांदा समाज को न्याय और सत्ता में उचित भागीदारी दिलाने के लिए धर्म सुधार आंदोलन चलाएं.
बीजेपी प्रवक्ता निखिल आनंद ने गुलाम रसूल बलियावी के सनातन धर्म और धर्मगुरुओं के बारे में की गयी टिप्पणी का भी कड़ा विरोध दर्ज कराया है. उन्होंने कहा है कि पूर्व एमएलसी का बयान सनातन धर्म और धर्मगुरुओं के खिलाफ है. उन्होंने इसकी निंदा भी की है. निखिल आनंद ने ट्वीट किया, "गुलाम रसूल बलियावी को मुसलमानों की इतनी ही चिंता है तो 80% पसमांदा समाज को उनकी संख्या के अनुपात में समुचित सम्मान, न्याय, भागीदारी दिलाने के लिए धर्म सुधार आंदोलन चलायें. बलियावी का बयान हिंदू सनातन धर्म, धर्मगुरुओं के साथ ही भारतीय सेना के खिलाफ है. बयान की निंदा करता हूं."
पूर्व एमएलसी ने नवादा में दिया था बयानजानकारी हो कि पूर्व एमएलसी गुलाम रसूल बलियावी ने ने रविवार को नवादा में आयोजित एक कार्यक्रम में पीएम मोदी, रामदेव बाबा और बाबा बागेश्वर पर जमकर हमले किये. इस दौरान गुलाम रसूल बलियावी ने कहा कि बाबा रामदेव भारतीय नहीं हैं. पाकिस्तान के लश्कर-ए-तैयबा से उनका कनेक्शन है. इसकी जांच होनी चाहिए. उन्होंने उनकी संपत्ति की भी जांच की मांग की थी. उन्होंने बाबा बागेश्वर के हिंदू राष्ट्र बनाने की बात पर कहा था कि पता नहीं वह कौन है, क्या है. उनके बारे में नहीं जानते, लेकिन हम देश के संविधान और अदालत को जानते हैं. इस तरह के बहरूपिया की जगह हमारे देश में नहीं है.
फौज में 30 परसेंट जगह देने की मांगइस दौरान गुलाम रसूल बलियावी ने पीएम मोदी पर भी निशाना साधा. कहा कि अगर पाकिस्तान से निपटने में डर लग रहा है तो सिर्फ 30 परसेंट फौज में मुसलमानों को जगह दी जाए. जब पाकिस्तान मिसाइल बनाकर भारत को दिखा रहा था तो कोई नागपुर से बाबा जवाब देने नहीं आए थे. एक मुसलमान का बेटा ही सामने आया था जिसका नाम एपीजे अब्दुल कलाम है.
