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बिहार के नवादा जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है. रजौली थाना क्षेत्र के सती स्थान मोहल्ले में गुरुवार (8 जनवरी) को अंधविश्वास के चलते दो गोतिया परिवारों के बीच खूनी संघर्ष हुआ. इस मारपीट में 35 वर्षीय महिला किरण देवी की पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई. मृतका चार छोटे बच्चों की मां थी.

जादू-टोने का आरोप बना मौत का कारण परिजनों का आरोप है कि पिछले तीन-चार दिनों से पड़ोसी गोतिया परिवार द्वारा किरण देवी पर जादू-टोना करने का झूठा आरोप लगाया जा रहा था. गुरुवार को इसी विवाद ने उग्र रूप ले लिया और दूसरे पक्ष ने सुधीर कुमार चौधरी के परिवार पर जानलेवा हमला बोल दिया. इस हमले में किरण देवी के पति सुधीर कुमार सहित परिवार के चार अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए.

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अस्पताल पहुँचते ही तोड़ा दम

सभी घायलों को तुरंत अनुमंडलीय अस्पताल रजौली में भर्ती कराया गया. प्राथमिक उपचार के दौरान ही किरण देवी की हालत बिगड़ गई और उन्होंने दम तोड़ दिया. ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर इलिका भारती ने बताया कि शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे, जो मौत का मुख्य कारण बने. वहीं, दूसरे पक्ष के भी दो लोगों के घायल होने की खबर है, जिनका निजी क्लिनिक में इलाज चल रहा है.

पुलिस की कार्रवाई

तीन आरोपी हिरासत में घटना की सूचना मिलते ही रजौली थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर रंजीत कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुँचे. उन्होंने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया है. एफएसएल (FSL) की टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं.

थानाध्यक्ष ने कहा, "प्रथम दृष्टया मामला दो गोतिया परिवारों के बीच पुराने विवाद का लग रहा है. हालांकि, परिजनों द्वारा जादू-टोना का आरोप लगाया गया है, जिसकी गहराई से जांच की जा रही है. शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है."

अनाथ हुए चार मासूम, समाज पर सवाल

किरण देवी की मौत ने उनके दो बेटों और दो बेटियों के सिर से मां का साया हमेशा के लिए छीन लिया है. यह घटना शिक्षा के दौर में भी समाज में व्याप्त अज्ञानता और अंधविश्वास की कड़वी हकीकत बयां करती है. स्थानीय लोगों का मानना है कि अक्सर व्यक्तिगत रंजिश या संपत्ति विवाद को 'डायन' या 'जादू-टोना' का रंग देकर कमजोर लोगों, विशेषकर महिलाओं को निशाना बनाया जाता है.