बिहार के नवादा जिले में जंगली हाथियों के झुंड ने एक बार फिर तांडव मचा दिया है. रजौली के हरदिया पंचायत अंतर्गत सूअरलेटी गांव में एक दर्दनाक घटना हुई. 30 वर्षीय युवक सनोज भुइया को हाथियों ने कुचलकर मार डाला.

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बताया जा रहा है कि युवक घर के बाहर था, तभी अचानक हाथियों का झुंड वहां पहुंच गया और उसने उसे रौंद दिया. इस हमले में घर के बाहर बंधी तीन भैंसें भी मारी गईं. घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है.

स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले तीन दिनों से रजौली वन क्षेत्र में करीब 20 से 22 हाथियों का बड़ा झुंड घूम रहा है. यह झुंड झारखंड की सीमा से भटककर बिहार में घुस आया है. रात होते ही हाथी गांवों में घुस जाते हैं और फसलों को बर्बाद कर देते हैं. कई घरों को भी नुकसान पहुंचा है. लोग लगातार डर के साए में जी रहे हैं और रात में बाहर निकलने से बच रहे हैं.

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ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, वन विभाग पर आरोप

इस घटना के बाद गांव के लोगों में भारी आक्रोश है. ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार वन विभाग को हाथियों की मौजूदगी की सूचना दी थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.

लोगों का आरोप है कि विभाग तब ही सक्रिय होता है जब मीडिया में खबर चलती है. आम लोगों की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जाता, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ.

कौवाकोल में भी फसलों का भारी नुकसान

हाथियों के इस झुंड ने सिर्फ सूअरलेटी ही नहीं, बल्कि आसपास के कौवाकोल इलाके में भी भारी तबाही मचाई है. किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं. कई जगह खेत रौंद दिए गए हैं, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है. अब यह झुंड धीरे-धीरे नावाडीह के जंगलों की ओर बढ़ रहा है, जिससे आसपास के गांवों में भी डर बना हुआ है.

घटना के बाद वन विभाग हरकत में आ गया है. हाथियों की निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके अलावा पश्चिम बंगाल से रेस्क्यू टीम को भी बुलाया गया है, जो हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर मोड़ने की कोशिश कर रही है. विभाग का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जल्द ही हालात काबू में लाने की कोशिश की जाएगी.

इस घटना के बाद पूरे इलाके में डर का माहौल है. लोग रात के समय घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं. किसान भी खेतों में जाने से डर रहे हैं. बच्चों और बुजुर्गों को लेकर परिवार ज्यादा चिंतित हैं. गांव में हर समय हाथियों के आने का डर बना हुआ है.

स्थायी समाधान की उठी मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए. लोगों का कहना है कि सौर बाड़, ध्वनि यंत्र और समय पर गश्त जैसे उपाय किए जाएं, ताकि हाथियों को गांव में घुसने से रोका जा सके. साथ ही, मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की भी मांग की जा रही है.

नवादा और झारखंड सीमा पर मानव और वन्यजीवों के बीच टकराव की समस्या नई नहीं है. जंगलों के कम होने, पानी और भोजन की कमी के कारण हाथी अक्सर बस्तियों की ओर आ जाते हैं. ऐसे में जरूरत है कि प्रशासन लंबे समय के लिए ठोस योजना बनाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.