बिहार में शराबबंदी कानून लगभग 10 साल से लागू है. इस बीच उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के विधायक ने समीक्षा की मांग कर विवाद शुरू कर दिया है. हालांकि सरकार ने स्पष्ट तौर से कह दिया है कि शराबबंदी कानून को वापस नहीं लिया जाएगा. इन सबके बीच अब विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी ने चौंकाने वाला दावा किया है. गुरुवार (19 फरवरी, 2026) को पटना में वे मीडिया से बात कर रहे थे.

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शराबबंदी की समीक्षा पर वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने कहा, "भारतीय जनता पार्टी चाह रही है कि बिहार में शराब चालू हो. बिहार को आगे बढ़ाने के लिए, बिहार में माता-बहन सुरक्षित रहें, घर में लड़ाई-झगड़ा न हो, इसके लिए आपने शराबबंदी कानून को लागू किया और 40 हजार करोड़ का हर साल नुकसान करा रहे हैं, लेकिन ये असफल कैसे हो रहा है? आप सफलतापूर्ण तरीके से क्यों लागू नहीं कर रहे हैं? या आपसे राज्य नहीं संभल रहा है? पुलिस प्रशासन आपके कंट्रोल में नहीं है…"

'…और वे मोटी कमाई कर सकें'

सहनी ने कहा, "शराबबंदी कानून को जिस मकसद से आपने लागू किया पिछले 9-10 साल से राज्य को कितने लाख करोड़ का नकुसान हुआ… उसका जवाब दें पहले. भारतीय जनता पार्टी को पता है कि बिहार को खोखला करना है. बिहार के नेताओं को टारगेट है, दर महीने चार्टर प्लेन से पैसा भरकर पहुंचाना है. उनको पता है बिहार में कुछ रह नहीं गया है. बीजेपी चाह रही कि शराबबंदी को फिर से चालू किया जाए और वे इससे मोटी कमाई कर सकें."

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'नीतीश कुमार अस्वस्थ… बीजेपी हावी'

वीआईपी प्रमुख ने आगे कहा कि नीतीश कुमार का सपना था कि बिहार को गांधी का राज्य बनाना है. जैसे गुजरात में दारू बंद है लोग अच्छे से जिंदगी जी रहे हैं. अभी नीतीश कुमार अस्वस्थ हो गए हैं और बीजेपी हावी है. निर्णय सरकार को लेना है, लेकिन हम सवाल करते हैं कि आपने जिस उद्देश्य से शराबबंदी कानून को लागू किया और कई लाख करोड़ नुकसान हुआ, पहले उसका जवाब दें.

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