पटना में शराबबंदी कानून को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. RLM विधायक माधव आनंद द्वारा शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग के बाद यह मुद्दा सियासी बहस का केंद्र बन गया है. उनके बयान पर बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.

मंत्री दिलीप जायसवाल ने विधायक के बयान को गैर-गंभीर बताते हुए कहा कि ऐसे बयानों का कोई खास महत्व नहीं है. इस बयानबाजी के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर शराबबंदी कानून को लेकर चर्चा तेज हो गई है और सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है.

माधव खुद ही विधानसभा की कार्यवाही में रहते हैं अनुपस्थित

मंत्री दिलीप जायसवाल ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि माधव आनंद खुद ही विधानसभा की कार्यवाही में अक्सर अनुपस्थित रहते हैं और गंभीरता नहीं दिखाते. ऐसे में उनके बयानों का कोई खास मतलब नहीं है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर वे इसी तरह बयानबाजी करना चाहते हैं तो अगले पांच साल तक करते रहें.

गौरतलब है कि बिहार में शराबबंदी कानून लंबे समय से लागू है और इसे लेकर समय-समय पर राजनीतिक बहस होती रही है. कुछ नेता इस कानून की समीक्षा या इसमें बदलाव की मांग करते रहे हैं. जबकि सरकार इसे सामाजिक सुधार के लिए जरूरी कदम बताती है.

अपने फैसले पर कायम है सरकार

माधव आनंद ने कानून की प्रभावशीलता पर सवाल उठाते हुए इसकी समीक्षा की मांग की थी. उनका कहना था कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए कानून की स्थिति का आकलन किया जाना चाहिए. वहीं, मंत्री दिलीप जायसवाल ने साफ कर दिया कि सरकार अपने फैसले पर कायम है और विपक्ष के ऐसे बयानों को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है.

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