बिहार की मोकामा विधानसभा सीट पर उपचुनाव की नौबत आती है तो पूर्व विधायक अनंत सिंह के सामने बड़ा सवाल होगा. वह अपनी पत्नी नीलम देवी पर भरोसा जताएंगे या बड़े बेटे अभिषेक सिंह को चुनावी मैदान में उतारेंगे? अनंत सिंह कई मौकों पर कह चुके हैं कि अब वह खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे. उनकी जगह बड़े बेटे अभिषेक राजनीति में उतरेंगे. हालांकि, पत्नी नीलम देवी भी पहले मोकामा से विधायक रह चुकी हैं.

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अनंत सिंह ने बाढ़ अनुमंडल के घोसवरी प्रखंड सभागार में कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव या उपचुनाव में उनकी जगह उनके बड़े बेटे अभिषेक सिंह मैदान में उतरेंगे. इससे पहले भी वह चुनाव नहीं लड़ने की बात कह चुके हैं. दुलारचंद यादव हत्याकांड में जेल में रहने के दौरान उन्होंने कहा था कि उनका बेटा शिक्षित है और राजनीतिक जिम्मेदारी संभाल सकता है.

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जुलाई में भी दिखा था अभिषेक का सियासी अंदाज

इसी साल जुलाई में घोसवरी में नए राजकीय डिग्री कॉलेज के उद्घाटन के दौरान अभिषेक सिंह अपने पिता के साथ पहुंचे थे. उद्घाटन अनंत सिंह ने किया, लेकिन लोगों को संबोधित उनके बेटे ने किया. अभिषेक ने लोगों से कहा था कि किसी तरह की परेशानी हो तो उनसे संपर्क करें. इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत भी की थी.

पत्नी नीलम देवी भी जीत चुकी हैं मोकामा का चुनाव

नीलम देवी मोकामा सीट से विधायक रह चुकी हैं. नवंबर 2022 के उपचुनाव में उन्होंने आरजेडी के टिकट पर बीजेपी प्रत्याशी सोनम देवी को 16,752 वोटों से हराया था. अनंत सिंह की सदस्यता रद्द होने के बाद उन्होंने चुनाव लड़ा था. ऐसे में उपचुनाव होने पर नीलम देवी भी संभावित उम्मीदवार के तौर पर चर्चा में रह सकती हैं.

जेडीयू से निष्कासन के बाद बढ़ी सियासी चर्चा

जेडीयू ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में छह साल के लिए निष्कासित किया है. अनंत सिंह की सदस्यता पर दल-बदल कानून के तहत कोई फैसला होता है या नहीं, यह संबंधित कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा. सिर्फ पार्टी से निष्कासन होने से विधानसभा की सदस्यता अपने आप खत्म नहीं होती. यदि उपचुनाव की स्थिति बनती है, तो देखना होगा कि अनंत सिंह अपने बेटे को मौका देते हैं या पत्नी पर भरोसा जताते हैं.

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