बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक संजीव कुमार शुक्रवार को विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में शामिल हो गए. सत्तारूढ़ पार्टी के साथ अपने दो दशक पुराने संबंध को समाप्त करते हुए, संजीव कुमार खगड़िया जिले में आयोजित एक रैली में राजद में शामिल हुए. वह खगड़िया के परबत्ता विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं.

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने सभा को संबोधित किया

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव खराब मौसम के कारण रैली में शामिल नहीं हो सके और उन्होंने डिजिटल माध्यम से सभा को संबोधित किया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पिछले साल राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में वापस लौटने के बाद संजीव कुमार पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगा था.

संजीव कुमार ने कहा, ‘‘केवल तेजस्वी यादव ही बिहार को मजबूत नेतृत्व दे सकते हैं. 125 यूनिट मुफ्त बिजली या सामाजिक सुरक्षा पेंशन में वृद्धि जैसे सरकार के हालिया फैसले तेजस्वी यादव के वादों की नकल मात्र हैं.’’

जद (यू) प्रमुख नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘‘नीतीश कुमार एक अच्छे व्यक्ति हो सकते हैं, लेकिन उनके चारों ओर भ्रष्ट लोग हैं। अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता पर उनकी घोषित कतई बदर्शत नहीं करने की नीति (जीरो टॉलरेंस) कहीं दिखाई नहीं देती. उन्होंने कहा, "मैं 2004 में अपने पिता के साथ जद (यू) में शामिल हुआ था, लेकिन पिछले कुछ समय से मुझे पार्टी में घुटन महसूस हो रही थी.’’

आरजेडी 'ए टू जेड' का प्रतिनिधित्व करता है- तेजस्वी

संजीव कुमार के दिवंगत पिता रामानंद प्रसाद सिंह दो बार परबत्ता सीट से जद (यू) विधायक रहे थे. प्रभावशाली भूमिहार समुदाय से आने वाले संजीव कुमार का आरजेडी में शामिल होना तेजस्वी यादव की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें वह यह संदेश देना चाहते हैं कि राजद केवल ‘एमवाई’ (मुसलमान और यादव) तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के 'ए टू जेड' (सभी वर्गों) का प्रतिनिधित्व करता है.

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